विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड में ED की बड़ी कार्रवाई, अविनाश रेड्डी समेत 6 ठिकानों पर छापेमारी

HIGHLIGHTS
- ED ने शुक्रवार सुबह एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।
- हैदराबाद में दो और कडप्पा जिले में चार स्थानों पर कार्रवाई हुई।
- तलाशी में अविनाश रेड्डी और वाई.एस. भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल रहे।
हैदराबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में छह ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें YSRCP सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी और उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। ED हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन और पैसों की आवाजाही की जांच कर रही है, जिसमें 4 करोड़ रुपये के कथित भुगतान की भी पड़ताल की जा रही है। यह कार्रवाई CBI की जांच और चार्जशीट के आधार पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है।
हैदराबाद में दो और कडप्पा में चार ठिकानों पर तलाशी
ED अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की टीमों ने हैदराबाद में दो और कडप्पा जिले में चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इन सभी स्थानों पर मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अविनाश रेड्डी और उनके पिता से जुड़े परिसर भी जांच के दायरे में
तलाशी कडप्पा के सांसद अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और हत्याकांड के अन्य आरोपियों से जुड़े परिसरों पर की गई। हैदराबाद के कोकापेट स्थित अविनाश रेड्डी के आवास पर भी ED की एक टीम तलाशी ले रही थी।
पुलिवेंदुला स्थित आवास मिला बंद
ED की एक अन्य टीम कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला शहर स्थित अविनाश रेड्डी के आवास पर पहुंची, लेकिन वहां परिसर बंद मिला। इसके बाद जांच टीम ने मामले से जुड़े अन्य ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी। ED की तलाशी हत्याकांड के अन्य आरोपियों से जुड़े परिसरों तक भी पहुंची। इनमें सुनील यादव, देवीरेड्डी शिवशंकर रेड्डी और एर्रा गंगिरेड्डी से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
CBI की FIR और चार्जशीट के आधार पर ED की जांच
केंद्रीय जांच एजेंसी ने CBI द्वारा दर्ज मामले और उसके बाद दाखिल चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। ED ने पिछले साल अगस्त में इस मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी।
हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की जांच
ED इस मामले में हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। आरोप है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का लेनदेन किस तरह हुआ, पैसा किन लोगों तक पहुंचा और क्या इस पूरी प्रक्रिया में मनी लॉन्ड्रिंग हुई।
पैसों की आवाजाही पर भी नजर
जांच के दौरान ED अधिकारी कथित तौर पर रकम की आवाजाही का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि हत्या से पहले और उसके आसपास हुए वित्तीय लेनदेन का मामले में नामजद आरोपियों से क्या संबंध था।
15 मार्च 2019 को हुई थी विवेकानंद रेड्डी की हत्या
वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री तथा YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा थे। 15 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर उनकी हत्या कर दी गई थी। 68 वर्षीय विवेकानंद रेड्डी उस समय घर में अकेले थे। अज्ञात हमलावर उनके आवास में घुसे और उनकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा सवाल खड़ा किया था।
2020 में CBI ने संभाली थी जांच
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने 2020 में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। हाई कोर्ट में विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच CBI को सौंपी गई। सुनीता रेड्डी ने मामले में कुछ रिश्तेदारों की भूमिका को लेकर संदेह जताया था।
2023 में अविनाश रेड्डी के पिता गिरफ्तार
CBI ने जांच आगे बढ़ाते हुए 2023 में अविनाश रेड्डी के पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और उनके करीबी समर्थक उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने 2021 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि 2022 और 2023 में पूरक चार्जशीट दाखिल की गईं।
CBI ने पिता-पुत्र पर साजिश का आरोप लगाया था
CBI का दावा था कि अविनाश रेड्डी और भास्कर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के अनुसार, विवेकानंद रेड्डी कडप्पा लोकसभा सीट से अविनाश रेड्डी को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। उनका कथित तौर पर मानना था कि जगन मोहन रेड्डी को इस सीट से अपनी मां विजयम्मा या बहन शर्मिला को उम्मीदवार बनाना चाहिए।
तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत
CBI के आरोपों को अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी ने खारिज किया है। दोनों ने हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार किया है। अविनाश रेड्डी को 31 मई 2023 को तेलंगाना हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी थी। इसके बाद भी हत्याकांड से जुड़े कानूनी और जांच संबंधी घटनाक्रम जारी रहे। अगस्त 2025 में CBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड की जांच पूरी कर ली है। इसके बाद मामले की जांच और आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई।
मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनीता की याचिका खारिज की
मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले की आगे की जांच CBI से कराने की मांग की थी। याचिका में अविनाश रेड्डी को मिली अग्रिम जमानत और अन्य आरोपियों को दी गई जमानत को भी चुनौती दी गई थी।
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