भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को चेक बाउंस मामले में बड़ी राहत मिली है। अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला उनकी पूर्व पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था।

चेक बाउंस केस में कोर्ट का फैसला

हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि घर के खर्च के लिए दिया गया 1 लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए मोहम्मद शमी को निर्दोष करार दिया और केस से मुक्त कर दिया।

शमी और हसीन जहां का लंबा विवाद

मोहम्मद शमी और उनकी पूर्व पत्नी हसीन जहां के बीच विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई कई मामलों को लेकर चल रही है, जिनमें गुजारा भत्ता भी शामिल है।

पिछले साल जुलाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक आदेश में शमी को पत्नी और बेटी के लिए कुल ₹4 लाख प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया था।

गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग

हसीन जहां ने इस राशि को बढ़ाकर ₹10 लाख प्रतिमाह करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वहीं हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया था कि हसीन जहां को ₹1.5 लाख और बेटी को ₹2.5 लाख प्रति माह की राशि तब तक दी जाए, जब तक मामला अंतिम रूप से तय नहीं हो जाता।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यक खर्चों में अतिरिक्त सहायता देने की जिम्मेदारी शमी की रहेगी।