पटना। रामकृष्ण नगर क्षेत्र में औषधि नियंत्रण प्रशासन की टीम ने एक संगठित नशा नेटवर्क का खुलासा किया है। यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों में इलाके में की गई छापामारियों का परिणाम है, जिसमें पहले भी एक अवैध दवा फैक्ट्री को सील किया गया था। सोमवार की रात हुई कार्रवाई में लगभग 19 लाख रुपये मूल्य की कोडीनयुक्त कफ सिरप, प्रतिबंधित टैबलेट और नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में अनियमितताओं और फर्जी कागजात का उपयोग सामने आया है। इस मामले में मकान मालिक अनिमेश कुमार और रोहित कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच में यह भी पता चला कि गिरोह का नेटवर्क केवल पटना तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों और अंतरराज्यीय स्तर तक फैला हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन दवाओं की आपूर्ति पटना से बेतिया, कटिहार, पूर्णिया, मोतिहारी और दरभंगा जैसे जिलों में की जाती थी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
छापेमारी में ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, यशवंत झा, कयामुद्दीन अंसारी और स्वेता सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। औषधि नियंत्रण प्रशासन ने कहा कि नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। वहीं पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।