सासाराम। जिले में सोमवार से शुरू हो रही इंटरमीडिएट परीक्षा को कदाचारमुक्त और सुरक्षित कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 13 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसे 69 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 46,270 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
परीक्षा दो पाली में होगी। पहली पाली में 22,268 लड़के और दूसरी पाली में 24,002 लड़कियां शामिल होंगी। रविवार को परीक्षार्थियों ने अपने-अपने परीक्षा केंद्र का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, निरीक्षण में लगे शिक्षक भी अपने केंद्र पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में जुटे रहे।
प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था
सासाराम में 30, डेहरी में 16 और बिक्रमगंज में 23 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश शुरू होगा, जबकि आधा घंटा पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारदीवारी फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले छात्र दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित होंगे। प्रवेश के दौरान और परीक्षा कक्ष में दो लेयर की फ्रिस्किंग की जाएगी। मुख्य गेट पर पहली लेयर और कक्ष के भीतर दूसरी लेयर, जहां हर 25 छात्रों पर एक वीक्षक तैनात होगा।
नए नियम और दिशा-निर्देश
इस बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने परीक्षार्थियों को जूते-मोज़े पहनकर परीक्षा देने पर रोक लगाई है। केवल चप्पल पहनने की अनुमति है। हालांकि ठंड के मौसम को देखते हुए 5 फरवरी तक जूते-मोज़े पहनने की अस्थायी छूट दी गई है।
मोबाइल, कलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ लाने वाले परीक्षार्थियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए तैनाती
शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुल 125 स्टैटिक दंडाधिकारी, 29 गश्ती दल, 14 जोनल और 10 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त संख्या भी केंद्रों पर तैनात रहेगी।
पहले दिन का कार्यक्रम
पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक चलेगी, जिसमें विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं को बायोलॉजी और कला संकाय के छात्रों को दर्शन शास्त्र की परीक्षा देनी है। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी, जिसमें कला और वाणिज्य संकाय के छात्र अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा देंगे।