नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राहत दी है। कोर्ट ने दोनों को आरोपमुक्त कर दिया, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।

केजरीवाल ने अपने आवास से पार्टी मुख्यालय तक रोड शो किया और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने हाथ में गदा उठाकर जनता का धन्यवाद किया।

केजरीवाल का पीएम और अमित शाह पर हमला

केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अदालत का फैसला ऐतिहासिक है और इसे पहले रोकने की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की। उन्होंने कहा, “AAP के खिलाफ जो षड्यंत्र रचा गया, वह फेल हो गया। पीएम और अमित शाह को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।”

साथ ही उन्होंने मोदी को चुनौती दी कि अगर वे दिल्ली में चुनाव कराते हैं और 10 से ज्यादा सीटें जीतते हैं, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनका जेल जाना उनके लिए व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि परिवार और उनके ईमानदारी के मूल्यों पर असर डालता है।

कोर्ट ने झूठ का किला ढहा दिया

केजरीवाल ने कहा कि कोर्ट ने साबित कर दिया कि शराब नीति मामले में लगाए गए सभी आरोप फर्जी थे। उन्होंने बताया कि लगभग 600 पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं हैं और यह मामला मुकदमे के योग्य नहीं है। केजरीवाल ने कहा, “AAP के प्रत्येक कार्यकर्ता ईमानदार है और न्यायपालिका ने सत्य की जीत कर दी।”

उन्होंने कांग्रेस पर भी तंज कसा और पूछा कि जब उनकी पार्टी के नेताओं को जेल भेजा गया, तब कांग्रेस ने क्यों चुप्पी साधी।

शराब नीति और जांच का संक्षिप्त विवरण

कोरोना काल में लागू ‘दिल्ली आबकारी नीति 2021-22’ में कथित अनियमितताओं की शिकायतें आईं। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने अलग-अलग जांच शुरू की।

  • सीबीआई ने नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं की जांच की।

  • ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की।

फिलहाल अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया है।

केजरीवाल का संदेश

केजरीवाल ने कहा, “सत्ता में आने के लिए झूठे केस बनाना शोभा नहीं देता। मैंने जीवन भर ईमानदारी के साथ काम किया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि मैं और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं। यह फैसला आम आदमी पार्टी और दिल्ली की जनता की जीत है।”