नई दिल्ली। घने कोहरे के कारण शुक्रवार को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन पूरी तरह प्रभावित रहा। आधी रात से रनवे पर कोहरे की मोटी चादर छाई रही। सुबह करीब 9 बजे हालात में कुछ सुधार नजर आया, लेकिन विजिबिलिटी पर्याप्त नहीं थी। इस दौरान लगभग 160 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी शामिल थीं।

आंकड़ों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर 84 प्रतिशत उड़ानें लेट हुईं। औसत देरी लगभग 45 मिनट थी। आने वाली फ्लाइट्स में भी देरी देखी गई, हालांकि उनकी औसत देरी केवल 15 मिनट थी।

CAT III प्रोटोकॉल लागू, लेकिन परेशानी बनी रही
आधी रात से दोपहर 2 बजे तक, कम विजिबिलिटी के कारण CAT III प्रोटोकॉल लागू रहा। इस सुविधा का लाभ केवल विशेष ट्रेनिंग प्राप्त पायलटों वाली उड़ानों को मिला। अन्य फ्लाइट्स को बेहतर विजिबिलिटी का इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी जाहिर की, जबकि एयरलाइंस और IGI एयरपोर्ट की ऑपरेटिंग एजेंसी DIAL ने पहले ही फ्लाइट शेड्यूल चेक करने की सलाह दी थी। कई यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने और चेक-इन करने के बावजूद बोर्डिंग से ठीक पहले तक देरी का सामना करना पड़ा।

फॉलो-मी गाड़ियों ने उड़ानों को सुरक्षित मार्ग दिखाया
घने कोहरे में रनवे पर कई जगह विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। इस दौरान फॉलो-मी गाड़ियां एयरक्राफ्ट को टैक्सीवे और रनवे पर सुरक्षित मार्ग दिखाने में लगी रहीं। रनवे और पार्किंग बे पर भारी भीड़ के कारण विमान धीरे-धीरे चल सके।

CAT III सुविधाओं के बावजूद देरी क्यों?
CAT III प्रणाली रनवे पर कम विजिबिलिटी में भी ऑटोमैटिक लैंडिंग की सुविधा देती है, लेकिन घने कोहरे में विमानों के बीच अधिक दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। सामान्य परिस्थितियों में हर 2-3 मिनट में लैंडिंग संभव होती है, जबकि CAT III में यह समय 5-10 मिनट या उससे अधिक हो जाता है।

इसके अलावा CAT III ऑपरेशन के लिए विशेष विमान उपकरण, प्रशिक्षित पायलट और एयरलाइन की मंजूरी आवश्यक है। कई फ्लाइट्स और पायलट केवल CAT II या उससे कम के लिए प्रमाणित होते हैं। ऐसे मामलों में या तो उन्हें इंतजार करना पड़ता है या उड़ान डायवर्ट कर दी जाती है। इन वजहों से कोहरे के दिन एयरक्राफ्ट धीरे-धीरे टैक्सीवे पर चले और पार्किंग बे भर गए, जिससे फॉलो-मी गाड़ियों की मदद लेना पड़ा और देरी बढ़ी।