सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को हरियाणा सरकार ने 15वीं बार पैरोल पर जेल से बाहर आने की अनुमति दी है। इस बार वह 40 दिनों के लिए पौरोल पर बाहर रहेंगे। इससे पहले भी राम रहीम कई बार जेल से पैरोल पर बाहर आ चुके हैं।

गुरमीत राम रहीम दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं, जिसे अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में 10-10 साल का बांटा था। पिछले साल अगस्त में उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई थी, जिस दौरान उन्होंने डेरा मुख्यालय में सत्संग और प्रवचन भी दिए थे।

इसके अलावा, राम रहीम को 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। 2002 में अपने मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी। हालांकि, मई 2024 में इस मामले में उन्हें और चार अन्य आरोपियों को “दोषपूर्ण और संदिग्ध जांच” के आधार पर बरी कर दिया गया।

पिछले वर्षों में राम रहीम को चुनावों के समय पैरोल मिलने की परंपरा रही है। रिकॉर्ड के अनुसार:

  • अक्टूबर 2020: हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल

  • फरवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की फरलो

  • जून 2022: हरियाणा निकाय चुनाव के दौरान एक महीने की पैरोल

  • अक्टूबर 2022: हरियाणा उपचुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल

पिछले साल जनवरी और अप्रैल में भी राम रहीम को क्रमशः 20 और 21 दिन की पैरोल दी गई थी। इस लगातार पैरोल पर अब समाज में और मीडिया में भी सवाल उठने लगे हैं।