धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में छात्रा की दुखद मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेश पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने शनिवार शाम इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए।

सीएम सुक्खू ने पहले सुबह सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि छात्रा के वीडियो बयान में जिन प्रोफेसरों का नाम लिया गया है, उन्हें तुरंत निलंबित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की व्यापक जांच कॉल डिटेल सहित की जाएगी और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने गठित की जांच कमेटी

मामले की प्रारंभिक जांच और तथ्य खोज के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक समिति बनाई है। इस समिति में अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक (कॉलेज) डॉ. हरीश कुमार को अध्यक्ष, और सरकारी कॉलेज ढलियारा की प्रिंसिपल डॉ. अंजू आर. चौहान, सरकारी कॉलेज बैजनाथ के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल तथा सरकारी कॉलेज नौरा के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया है। समिति को तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधीक्षक ग्रेड-2 राकेश वर्मा समिति को रिकॉर्ड जुटाने और जांच में सहयोग करेंगे।

राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा। आयोग ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष, समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पोस्टमार्टम और चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण, दोषी संकाय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, महाविद्यालय में एंटी-रैगिंग तंत्र की समीक्षा और परिसर सुरक्षा सुदृढ़ करने की भी हिदायत दी। राज्य महिला आयोग ने भी पुलिस से मामले की रिपोर्ट तलब की।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की जांच

यूजीसी ने इस घटना पर खुद संज्ञान लेते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की है। यूजीसी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की रिपोर्ट मांग

छात्रा को जातिसूचक शब्दों और भेदभाव के आरोपों के चलते हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।

प्राध्यापक संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग की

हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने दुख व्यक्त करते हुए छात्रा के परिवार के प्रति संवेदनाएँ जताईं और निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ ने सोशल मीडिया पर किए गए आरोपों में विरोधाभासों की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि मामले को राजनीतिक या जातीय रंग न दिया जाए।

न्याय की मांग में प्रदर्शन

छात्रा की मौत के मामले में न्याय सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए शिमला और धर्मशाला में प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शनकारियों ने न्याय और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।