वृंदावन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत वृंदावन पहुंच चुके हैं। वह संघ कार्यालय केशव धाम में ठहरे हैं और 10 जनवरी तक वृंदावन में रहेंगे। संघ के वरिष्ठ प्रचारकों की मुख्य बैठक 6, 7 और 8 जनवरी को आयोजित की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय मंथन में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के साथ छह सह-सरकार्यवाह तथा करीब 40 कार्यकारिणी सदस्य शामिल होंगे। इस तरह संघ के शीर्ष स्तर के लगभग 50 पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संगठन से जुड़े कई अहम और दीर्घकालिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक के एजेंडे में मार्च माह में समालखा में प्रस्तावित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की रूपरेखा और विषयों को अंतिम रूप देना प्रमुख है। इसके अलावा संगठन की कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बनाने, संभावित ढांचागत सुधारों और आंतरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है।

15 जनवरी से देशभर में प्रस्तावित हिंदू सम्मेलनों को लेकर भी मंथन होने की संभावना है। संघ अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर देश के हर हिस्से में समाज के सभी वर्गों और पंथों को जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। साथ ही आगामी वर्ष में संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और सहयोगी संगठनों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।

बताया जा रहा है कि इस अवसर पर बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनावों जैसे समसामयिक विषयों पर भी चर्चा संभव है।

अन्य कार्यक्रमों में भी लेंगे भाग
संघ की बैठक के अलावा मोहन भागवत 8 जनवरी को वृंदावन में अक्षयपात्र फाउंडेशन के एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वह चंद्रोदय मंदिर जाकर ठाकुर जी के दर्शन करेंगे तथा गौशाला और रसोई का अवलोकन कर पदाधिकारियों से संवाद करेंगे।

इसके साथ ही 10 जनवरी को वह वृंदावन स्थित सुदामा कुटी के शताब्दी समारोह में भी शिरकत करेंगे। यह समारोह 10 से 21 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी सुदामा कुटी के शताब्दी आयोजन में भाग ले चुकी हैं।

गौरतलब है कि संघ की अखिल भारतीय अधिकारियों की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाती है, जबकि शीर्ष पदाधिकारियों की छोटी टोली की बैठक प्रत्येक माह होती है। परंपरागत रूप से यह त्रैमासिक बैठक हर वर्ष जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में संपन्न होती है।