सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हरिपुरधार के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कुपवी से शिमला की ओर जा रही एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में 12 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के समय बस में लगभग 45 यात्री सवार थे। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक लाने में मदद की।
राहत-बचाव कार्य जारी
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद संगड़ाह, ददाहू, राजगढ़ और नाहन के अस्पतालों में रेफर किया गया। गंभीर रूप से घायल 19 मरीजों को मेडिकल कॉलेज नाहन भेजा गया है, जहां इलाज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रशासन का बयान
सिरमौर के एसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
एसडीएम सुनील कुमार कैथ ने भी 12 लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी घायलों को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती कराया गया है।
नेताओं ने जताया शोक
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी की। उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाए।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित कई नेताओं ने भी हादसे पर शोक जताया।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हादसे के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के कारण घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की मांग की।
जांच के आदेश
प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राहत और बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।