बिजनौर जिले के फरीदपुर भोगी गांव में एक विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद उसकी डायरी से मिला सुसाइड नोट पूरे परिवार को झकझोर गया। नोट पढ़कर परिजन भावुक हो उठे, वहीं पुलिस अब इस मामले में साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है।

सुसाइड नोट में झलकी बेबसी
मृतका मोनिका द्वारा लिखे गए करीब डेढ़ पन्ने के सुसाइड नोट में उसकी मानसिक स्थिति और डर साफ दिखाई देता है। उसने अपने पति को संबोधित करते हुए लिखा कि वह उनसे कोई झूठ नहीं बोलना चाहती और काफी समय से एक युवक उसे परेशान कर रहा था। नोट में ब्लैकमेल किए जाने का जिक्र भी है। उसने पति से माफी मांगते हुए बच्चों का ख्याल रखने की बात कही और अपने परिवार से भी क्षमा मांगी। साथ ही उसने लिखा कि यदि अगला जन्म हो तो उसे वही जीवनसाथी मिले।

परिजनों का कहना है कि मोनिका काफी समय से दबाव में थी और संभव है कि साइबर ठगों ने उसे इतना डरा दिया था कि वह अपनी पूरी बात भी खुलकर नहीं लिख पाई।

साइबर ठगों का जाल
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मोनिका को अलग-अलग तरीकों से फंसाया। कभी खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया तो कभी अन्य रूप धारण कर धमकियां दीं। करीब 10 दिन तक उसे तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया गया। जब वह कॉल नहीं उठाती थी तो अलग-अलग नंबरों से मैसेज भेजे जाते थे। ऑडियो संदेशों में उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।

पैसे भी ऐंठे गए
मोनिका के पति रणधीर के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान दिख रही थी, लेकिन किसी से कुछ साझा नहीं कर रही थी। सोमवार को वह घर से पांच हजार रुपये लेकर निकली थी। बाद में पता चला कि उसने किसी साइबर कैफे से यह रकम किसी को भेजी थी। उसके मोबाइल में न तो यूपीआई था और न ही कोई बैंकिंग ऐप, जिससे आशंका जताई जा रही है कि यह रकम भी ठगों को ही दी गई।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर एंगल पर जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों और लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।