लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटर कम पाए जाने के कारण भाजपा सक्रिय हो गई है। पार्टी ने एक महीने में चार करोड़ नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अभियान में खुद नेतृत्व दे रहे हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट में कटौती
एसआइआर के तहत मंगलवार को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे पाए गए। पार्टी अब नए वोटर जोड़ने और सूची में सुधार के लिए पूरे राज्य में अभियान चला रही है।

मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में मोर्चा संभालने और जमीनी स्तर पर वोटरों का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्रियों को पात्र और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर सूची में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने इसे युद्धस्तर पर अभियान बताते हुए संगठन को सक्रिय होने का आदेश दिया है।

मुख्य फोकस क्षेत्र
भाजपा का ध्यान तीन प्रमुख वर्गों पर है:

  1. नए युवा मतदाता जो अब तक सूची में शामिल नहीं हुए।

  2. ऐसे मतदाता जिनके नाम दस्तावेज या तकनीकी कारणों से कटे।

  3. वो मतदाता जिनका पता सत्यापन या मैपिंग में नहीं मिला।

लखनऊ में सबसे अधिक कटौती
लखनऊ में ड्राफ्ट लिस्ट में 12 लाख से अधिक मतदाता गायब पाए गए हैं, यानी कुल 30% वोटर कम हुए हैं। पार्टी ने सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में ड्राफ्ट सूची की फोटो कॉपी बनाकर घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों को जोड़ने की मुहिम शुरू कर दी है। जिला अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि जिन लोगों ने फॉर्म जमा नहीं किए, उन्हें फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है।

प्रदेश स्तर की स्थिति
प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से एसआइआर के तहत 2.88 करोड़ ऐसे पाए गए हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हैं। इसके अलावा 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनके रिकॉर्ड वर्ष 2003 की सूची से नहीं मिले। अब चुनाव आयोग की मदद से इन सभी को मतदाता बनाने का प्रयास किया जाएगा।