बरेली में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘विकसित भारत-जी-राम-जी अधिनियम’ को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन दलों के शासनकाल में भ्रष्टाचार आम बात थी, उन्हें आज की सरकार पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय योजनाओं का पैसा रास्ते में ही गायब हो जाता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब लाभार्थियों को उनका पूरा हक सीधे मिल रहा है।
शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी कानून तोड़ेगा या जनता के पैसे का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जड़ बताते हुए कहा कि पहले उसे आत्ममंथन करना चाहिए, उसके बाद दूसरों को सलाह देनी चाहिए।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री फरीदपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल के आवास पर जाकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को हालिया राजनीतिक पराजयों के बाद आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और विपक्ष को करारी शिकस्त मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने कई राज्यों में जीत दर्ज की है और आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में भी पार्टी को सफलता मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भ्रम फैलाकर राजनीति करना चाहता है, लेकिन जनता अब सच और झूठ में फर्क समझ चुकी है।
‘जी-राम-जी अधिनियम से गांवों को मिलेगा लाभ’
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत-जी-राम-जी’ का अर्थ है गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और मजदूरों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल केवल इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि योजना के नाम में ‘राम’ शब्द जुड़ा है।