देवरिया। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी पर सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। दोनों मामलों में करीब डेढ़ घंटे तक दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में आदेश मंगलवार को आने की संभावना जताई जा रही है।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क मजबूती से अदालत के समक्ष रखे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने किसी भी याचिका पर तत्काल निर्णय नहीं सुनाया। अमिताभ ठाकुर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि जमानत और अग्रिम जमानत, दोनों याचिकाओं पर विस्तृत बहस हुई है और अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे अमिताभ ठाकुर
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल रहे। उन्होंने पूरी सुनवाई को ऑनलाइन माध्यम से सुना और देखा।
क्या है पूरा मामला
अमिताभ ठाकुर वर्ष 1999 से 2002 के बीच जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। आरोप है कि इस दौरान पुरवां इंडस्ट्रियल एरिया में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम एक औद्योगिक प्लॉट आवंटित कराया गया। दस्तावेजों में नूतन ठाकुर का नाम ‘नूतन देवी’ और अमिताभ ठाकुर के नाम में भी अंतर दर्ज कराया गया था, जिसे बाद में सही कराया गया। कुछ समय बाद उक्त प्लॉट उद्योग विभाग को वापस कर दिया गया।
इस प्रकरण को लेकर पहले लखनऊ में मामला दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई राजस्व न्यायालय में चल रही है। बाद में लखनऊ निवासी संजय शर्मा ने दिसंबर माह में देवरिया कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। इसी मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को 11 दिसंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। तब से वह देवरिया जिला कारागार में बंद हैं।
अब अदालत के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अमिताभ ठाकुर को जमानत और नूतन ठाकुर को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं।