मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में युवती के अपहरण और महिला की हत्या के बाद उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार शाम काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद रूबी को उसके परिजनों के साथ गांव भेज दिया गया। हालात को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

दिनभर मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित आशा ज्योति केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सुबह से ही पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दोपहर में क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। शाम करीब सात बजे रूबी को उसके भाई नरसी और पिता सतेंद्र के साथ कार से गांव के लिए रवाना किया गया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस की कई गाड़ियां उनके साथ रहीं।

जेल में नए बंदियों की बैरक में रखा गया आरोपी

जेल वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आरोपी पारस सोम को जेल में नए कैदियों की बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन की ओर से उसे आवश्यक सामान जैसे कंबल और बर्तन उपलब्ध कराए गए हैं। जेल सूत्रों के अनुसार पारस ने जेल में पहली रात शांतिपूर्वक बिताई और उसकी स्वास्थ्य संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि पारस सोम ने खुद को नाबालिग बताते हुए सहायता की मांग की है, जिसे लेकर उसके बयान नियमानुसार दर्ज किए गए हैं।

पूरा मामला

कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पारस सोम और रूबी को हरिद्वार से बरामद किया। इसके बाद पारस को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि रूबी को संरक्षण के लिए आशा ज्योति केंद्र में रखा गया था।