मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान समाधान दिवस के दौरान बिजली विभाग को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान बिजली विभाग के कार्यालयों पर ताला लगाने को मजबूर होंगे।
जिला पंचायत सभागार में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गन्ना भुगतान, बिजली आपूर्ति, प्रदूषण और कृषि विभाग से जुड़ी कई समस्याएं किसानों ने जोर-शोर से उठाईं। बैठक के दौरान माहौल कई बार गरमाता हुआ भी नजर आया।
सबसे ज्यादा विवाद बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों पर हुआ। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने आरोप लगाया कि जिले में बिजली विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है और अधिकारियों के आश्वासनों का कोई असर जमीन पर नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि गांवों में जले हुए ट्रांसफार्मर, लगातार बिजली कटौती, गलत बिलिंग और खराब लाइनों जैसी समस्याएं किसानों को परेशान कर रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल कागजी आश्वासन देकर मामलों को टाल देते हैं, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी रहती है। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसान आंदोलन तेज करेंगे और बिजली विभाग के दफ्तरों को बंद करने तक का कदम उठाया जा सकता है।
बैठक में पिनना गांव के सुमित मलिक ने पेपर मिलों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलों से निकलने वाला धुआं और कचरा आसपास के गांवों में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है।
एडीएम प्रशासन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मामलों की समीक्षा कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।