मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के विरोध प्रदर्शन के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा के साथ जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

इससे पहले सुबह भाकियू (तोमर) ने जिला अस्पताल में कथित रूप से हो रही अवैध वसूली, दलालों की सक्रियता, बाहरी दवाइयां लिखने और मरीजों से सुविधा शुल्क लेने के आरोप लगाते हुए सीएमओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया था। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि पांच दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।


प्रदर्शन के तुरंत बाद सीएमओ का अचानक जिला अस्पताल पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हड्डी रोग विभाग, सामान्य ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे यूनिट सहित कई विभागों का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर इलाज के दौरान किसी तरह की अवैध वसूली या परेशानी की जानकारी ली।

सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिला अस्पताल में किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार, दलाली या अतिरिक्त शुल्क की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति मरीजों से पैसे लेते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और सरकारी निर्देशों के अनुरूप पूरी तरह निशुल्क एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

भाकियू (तोमर) के प्रदर्शन के बाद हुई इस अचानक कार्रवाई को जिला अस्पताल में बढ़ते दबाव और जन असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।