मुजफ्फरनगर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की प्रतिबंधित दवाइयों का जखीरा बरामद किया है। “ऑपरेशन सवेरा” के तहत खालापार पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 11 लाख 66 हजार 400 ट्रामाडोल कैप्सूल जब्त किए हैं, जिनकी बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
इस कार्रवाई का खुलासा बुधवार को एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में किया। इस दौरान एसपी सिटी अमृत जैन, एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा और खालापार थाना प्रभारी बबलू कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
एसएसपी ने बताया कि यह वही नेटवर्क है, जिसके कुछ सदस्यों को कुछ दिन पहले भी गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने 22 कार्टून प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की थीं। लगातार चल रही जांच के दौरान पूरे गिरोह की कड़ियां जुड़ती गईं और अब इसके अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार देर शाम गहरा बाग रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध हुंडई एक्सटर कार को रोका गया। तलाशी में दो कार्टून नशीले कैप्सूल बरामद हुए। पूछताछ में पकड़े गए खतौली निवासी अश्वनी शर्मा और विनोद कुमार ने खुलासा किया कि वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर “आरएस इंटरप्राइजेज” नाम से फर्म चला रहे थे।
आरोपियों ने बताया कि इसी फर्म के नाम पर गोरखपुर से ट्रांसपोर्ट के जरिए “स्पासमोर” नामक प्रतिबंधित कैप्सूल मंगाए जाते थे और फिर पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सप्लाई कर अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।
बाद में पुलिस टीम आरोपियों को लेकर सुजडू गांव के पास एक खंडहरनुमा गोदाम तक पहुंची, जहां से 52 और कार्टून बरामद किए गए। मौके से गांधी कॉलोनी निवासी यशपाल ग्रोवर नाम के तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर पुलिस ने 54 कार्टून नशीली दवाइयों की खेप बरामद की है।
एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह युवाओं को नशे की लत में धकेलने का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह सप्लाई किन-किन जिलों तक फैली थी और इसके पीछे और कौन लोग शामिल हैं। इस सफल कार्रवाई के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की है।
प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे नशे के खिलाफ बड़ी सफलता बताया।