मुजफ्फरनगर में सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने जिले की सीमा पर ही रोक दिया। खतौली क्षेत्र के भंगेला चेकपोस्ट पर उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और मेरठ की ओर वापस भेज दिया गया।

बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

अजय राय के आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए बाहरी राजनीतिक नेताओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा

प्रदेश अध्यक्ष को रोके जाने से नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल विपक्ष को पीड़ितों तक पहुंचने से रोककर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

सियासत हुई गरम

घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।

पीड़ित परिवार को सहायता के निर्देश

राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सोनू कश्यप के परिजनों को हरसंभव मदद दी जाए और मामले में निष्पक्ष व संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्या है मामला

रोहित कश्यप उर्फ सोनू मुजफ्फरनगर के आबकारी मोहल्ले का निवासी था। वह मुजफ्फरनगर से मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव रिश्तेदारी में जा रहा था। आरोप है कि टेंपो चालक को उसके पास नकदी होने की जानकारी मिल गई, जिसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की नीयत से सोनू की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया। इस घटना के बाद कश्यप समाज में गहरा रोष व्याप्त है।