प्रयागराज। उप निबंधन के सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) रविंद्र मेहता को रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजे जाने के बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के साथ उन्हें महानिरीक्षक निबंधन, मुख्यालय प्रयागराज से ही संबद्ध किया गया है।

गौरतलब है कि नौ दिसंबर को एंटी करप्शन टीम ने एआईजी रविंद्र मेहता और उनके कार्यालय के लिपिक अश्वनी कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। आरोप है कि मुंडेटकलां के महेश कुमार और उनके भतीजे वरदान की ऊन तहसील के गांव हथछौया में 26 बीघा भूमि दाखिल-खारिज कराने के बाद भी मेहता ने जमीन को आबादी घोषित कर स्टांप शुल्क में हेराफेरी का नोटिस जारी किया।

किसान ने बताया कि इसके एवज में एआईजी ने छह लाख रुपये की मांग की, जो बाद में घटकर एक लाख 60 हजार रुपये तक आ गई। इस राशि में एक लाख रुपये को ऑफिस खर्च बताया गया। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने तहसील में जाल बिछाया और जब एआईजी और उनके लिपिक ने किसान से एक लाख रुपये स्वीकार किए, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों का चालान न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में ही बंद हैं और मामले की जांच जारी है।