मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र की योजनाओं में हमेशा उत्तराखंड को विशेष रूप से शामिल किया जाता है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति गहरा लगाव है और इसलिए यहां का ध्यान विशेष रखा जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बजट से राज्य को हमेशा उम्मीद से अधिक लाभ मिलता है और इस बार भी यही उम्मीद है।
किसानों की नजर में भी इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। उन्हें आशा है कि सरकार उनकी फसलों की शत प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा नकदी फसलों को बढ़ावा देने और जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। किसान बताते हैं कि वे परंपरागत फसलों के साथ नकदी फसलें भी उगाते हैं, लेकिन अक्सर न्यूनतम मूल्य पर उनकी फसल की पूरी खरीद की कोई गारंटी नहीं होती।
नैनीताल जिले के मल्ला निगलाठ गांव के नीरज मेहरा का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे 90 प्रतिशत किसान खेती छोड़ चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बजट में फसल सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार कोई ठोस योजना लेकर आएगी।
मोथरोवाला के एचपी जोशी ने कहा कि किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज नहीं मिलते, इसलिए उन्हें सही बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, दूधली के मोहन सिंह बोरा ने बताया कि देहरादून शहर से आने वाला प्रदूषित पानी खेतों में पहुंचने के कारण जैविक खेती प्रभावित हो रही है और इससे त्वचा संबंधी रोगों की समस्या भी बढ़ी है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में भी प्रभावी कदम उठाएगी।