ऋषिकेश: गंगा में डूब रहे पर्यटक को गाइड विपिन शर्मा ने बचाया । साहस केवल वर्दी या पद से नहीं, बल्कि सही समय पर सही इरादों से दिखता है। ऐसा ही उदाहरण शिवपुरी साहसिक प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने पेश किया, जब उन्होंने गंगा नदी में डूबते पर्यटक की जान बचाई।
बुधवार दोपहर, जब गुरुग्राम के पर्यटक अविनाश गंगा में डूबने लगे, विपिन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें किनारे निकाला और करीब 15 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देकर उनकी सांसें बहाल की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कैसे बचाई गई जान
घटना 25 जनवरी अपराह्न लगभग एक बजे हुई। विपिन शर्मा अपने प्रशिक्षण केंद्र के कुछ प्रशिक्षु युवाओं को मरीन ड्राइव से शिवपुरी तक राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे थे। यूसुफ बीच के पास उन्हें डूबते व्यक्ति की आवाज सुनाई दी। विपिन ने तुरंत सीटी बजाकर अन्य गाइडों को सूचना दी, और सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने रस्सी फेंककर अविनाश को बचाने में मदद की।
विपिन ने स्वयं गंगा में छलांग लगाकर डूबते पर्यटक को पकड़कर किनारे लाया। अविनाश इस दौरान बेसुध हो गया था। विपिन ने उसका एयरवेज खोलने का प्रयास किया और फिर प्रशिक्षुओं की मदद से सीपीआर दी। करीब 15 मिनट बाद अविनाश की सांसें बहाल हो गईं और 108 आपातकालीन सेवा की टीम पहुंचने के बाद वह स्वयं अस्पताल के लिए रवाना हुआ।
डूबने की वजह
थाना मुनि की रेती प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ यूसुफ बीच पर आया था। उनके एक मित्र की चप्पल गंगा में बह गई। उसे बचाने के प्रयास में अविनाश भी नदी में चला गया और तेज बहाव में फंस गया। विपिन शर्मा और टीम की तत्परता के कारण उसकी जान बचाई जा सकी।
विशेषज्ञों की राय
सांस न लेने वाले व्यक्ति के लिए सीपीआर जीवन रक्षक है। यह मस्तिष्क को ऑक्सीजन देने और गंभीर क्षति से बचाने में मदद करता है। चार-पाँच मिनट तक बिना ऑक्सीजन मस्तिष्क पर स्थायी असर पड़ सकता है, इसलिए तुरंत सीपीआर शुरू करना जरूरी है।
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डॉ. अमित रौतेला, वरिष्ठ फिजिशियन, राजकीय उपजिला चिकित्सालय
पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि गंगा नदी के गाइड न केवल पर्यटकों को रोमांच का अनुभव कराते हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे गाइडों को उचित सम्मान देने के लिए पर्यटन विभाग और रोटेशन समिति को पहल करनी चाहिए।