लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत को लेकर चल रही जांच अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन इस मामले में अब कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। सिंगापुर में हुई इस घटना को लेकर वहां की एक अदालत को मुख्य जांच अधिकारी ने बताया कि जुबीन गर्ग पिछले वर्ष सितंबर में लाजरस द्वीप के पास अत्यधिक नशे की हालत में थे और लाइफ जैकेट पहनने से मना करने के बाद समुद्र में डूब गए।

लाइफ जैकेट उतारने और दोबारा पहनने से इनकार की पुष्टि
चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि जुबीन ने शुरुआत में लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन बाद में उसे उतार दिया। इसके बाद जब उन्हें दूसरी लाइफ जैकेट दी गई, तो उन्होंने उसे पहनने से भी इनकार कर दिया। उस समय वे नशे की गंभीर अवस्था में थे। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जुबीन ने नाव की ओर लौटने की कोशिश की, लेकिन तैरते समय वे बेहोश हो गए और उनका चेहरा पानी में चला गया।

घटना के तुरंत बाद उन्हें यॉट पर वापस लाया गया, जहां कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया गया, लेकिन उसी दिन बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

बीमारी का इतिहास, लेकिन साजिश से इनकार
अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि जुबीन गर्ग हाई ब्लड प्रेशर और मिर्गी से पीड़ित थे। उन्हें आखिरी बार मिर्गी का दौरा वर्ष 2024 में पड़ा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि घटना वाले दिन उन्होंने अपनी नियमित दवाएं ली थीं या नहीं। सिंगापुर पुलिस ने जांच के दौरान किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक कृत्य की आशंका से इनकार किया है।

मामले की जांच में कुल 35 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें यॉट पर मौजूद लोग, यॉट का कप्तान, पुलिस अधिकारी और पैरामेडिक्स शामिल हैं। जांच अधिकारी के अनुसार, यॉट पर मौजूद करीब 20 लोगों ने नाश्ता किया था और शराब का सेवन भी किया गया था।

शराब सेवन और तैरने की घटनाएं
कई गवाहों ने बताया कि उन्होंने जुबीन को शराब पीते हुए देखा था। जांच के मुताबिक, पहली बार तैरने के दौरान जुबीन ने अपनी लाइफ जैकेट उतार दी और वापस यॉट पर लौट आए। उन्हें थका हुआ महसूस करते हुए सुना गया। कुछ समय बाद जब उन्होंने दोबारा तैरने का फैसला किया, तो उन्हें एक छोटी लाइफ जैकेट दी गई, लेकिन उन्होंने उसे पहनने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे बिना लाइफ जैकेट के अकेले लाजरस द्वीप की दिशा में तैरने लगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। शरीर पर पाई गई चोटों को सीपीआर और बचाव के प्रयासों से जुड़ा माना गया है। उनके रक्त में हाई ब्लड प्रेशर और मिर्गी की दवाओं के अलावा किसी अन्य दवा के प्रमाण नहीं मिले।

ब्लड अल्कोहल लेवल और होटल से जब्ती
जांच में यह भी सामने आया कि जुबीन के रक्त में अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर थी, जो अत्यधिक नशे की स्थिति को दर्शाती है। पुलिस ने उनके होटल के कमरे से 750 मिलीलीटर की स्कॉच व्हिस्की की एक बोतल भी बरामद की, जिसमें 43 प्रतिशत अल्कोहल था और बोतल आंशिक रूप से भरी हुई थी। गवाहों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत में यह स्पष्ट किया गया कि न तो आत्महत्या के संकेत मिले और न ही किसी के द्वारा उन्हें पानी में धकेले जाने का कोई प्रमाण।

पोस्टमार्टम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ ने गवाही में बताया कि यह पुष्टि नहीं हो सकी कि घटना के समय जुबीन को मिर्गी का दौरा पड़ा था, क्योंकि शरीर पर उससे जुड़े स्पष्ट लक्षण नहीं पाए गए।

यॉट कप्तान की गवाही और अंतिम क्षण
यॉट के कप्तान ने अदालत को बताया कि उन्होंने जुबीन के एक दोस्त को चेतावनी दी थी कि गायक नशे में हैं और यदि वे पानी में जाना चाहते हैं, तो उन्हें लाइफ जैकेट पहननी चाहिए। कप्तान के अनुसार, जब उन्होंने जुबीन को पानी से बाहर निकाला, तो उनके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था।

परफॉर्मेंस से पहले हुआ हादसा
जांच शुरू होने से पहले जुबीन गर्ग के चाचा मनोज कुमार बोरठाकुर ने अदालत में एक लिखित बयान पढ़कर परिवार की चिंताओं को सामने रखा। इस पर राज्य कोरोनर एडम नखोदा ने कहा कि उठाए गए कुछ सवाल सीधे तौर पर मृत्यु के कारणों से संबंधित नहीं हैं।

गौरतलब है कि 52 वर्षीय जुबीन गर्ग 19 सितंबर 2025 को एक यॉट समूह के साथ सिंगापुर में मौजूद थे। वे उत्तर-पूर्व भारत महोत्सव में प्रस्तुति देने पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम से एक दिन पहले ही समुद्र में डूबने से उनकी मृत्यु हो गई।