बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा घटना सुनामगंज जिले की है, जहां गुरुवार को जॉय महापात्रो नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। परिवार के अनुसार, स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें पीटा और जहर दिया। बाद में महापात्रो को सिलहट के उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आईसीयू में उनकी मौत हो गई।

यह घटना कुछ ही दिनों पहले हुई उस हादसे के बाद आई है, जिसमें चोरी के शक में पीछा करने वाली भीड़ से बचने के लिए नहर में कूदने पर 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार की जान चली गई। भंडारपुर गांव के रहने वाले मिथुन का शव मंगलवार दोपहर को पुलिस ने बरामद किया।

इसी बीच, ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की हत्या के मामले में गुरुवार को बांग्लादेश पुलिस ने मुख्य संदिग्ध यासीन अराफात को गिरफ्तार किया। दीपू चंद्र दास एक गारमेंट वर्कर थे, जिन्हें 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में स्थानीय भीड़ के सामने मार दिया गया।

पुलिस के अनुसार, यासीन अराफात, जो एक पूर्व शिक्षक है, ने इस हमला की योजना बनाई और इसे अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। आरोप है कि फैक्ट्री के सुपरवाइजरों ने पहले दास को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया और फिर उसे काम की जगह से बाहर निकालकर भीड़ के हवाले कर दिया गया।

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस तरह की हिंसा में हाल के महीनों में तेज़ी आई है, जिससे समुदाय में डर और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है।