खरगे के लंच के बाद राहुल गांधी का ऐलान, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे विपक्षी सांसद

HIGHLIGHTS
- मल्लिकार्जुन खरगे ने जनपथ के सागर रत्ना रेस्टोरेंट में सांसदों के साथ लंच किया।
- खरगे ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जारी रखने की बात कही।
- खरगे ने चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर आरोप लगाए।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से बार-बार गलत फैसले लिए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए भी ऐसा करवाया जा रहा है।
खरगे ने कहा कि इन फैसलों से देश का लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है और संविधान की भी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य लोगों की आवाज को पूरे देश तक पहुंचाना है।
लंच के बाद जंतर-मंतर जाएंगे विपक्षी सांसद
लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, "हम अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे, जो प्रदर्शन के लिए तय जगह है।"
राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर एक साथ बैठकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने कहा- जंतर-मंतर पर फिर होगा प्रदर्शन
राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। अब विपक्षी सांसद निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पहुंचकर एक साथ प्रदर्शन करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा।
एफआईआर को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 एफआईआर हैं और उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर एफआईआर उनके लिए एक मेडल है।
बैठक में राहुल और प्रियंका गांधी भी पहुंचे
खरगे की ओर से बुलाई गई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। बैठक जनपथ स्थित सागर रत्ना में हुई। इसमें इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों के सांसदों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई।
विपक्षी सांसदों की यह बैठक ऐसे समय हुई, जब वे चुनाव आयोग से सीधे मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखने की मांग कर रहे हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद एक साथ बस से रवाना हुए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चाहे हजारों एफआईआर दर्ज कर दी जाएं, वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी एफआईआर को लेकर कहा कि क्या वे इससे डरने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ लंच के लिए आए हैं और लंच करेंगे। हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें उनका नाम भी शामिल है।
कांग्रेस सांसद शफी परंबिल ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा।
एक दिन पहले क्या हुआ था?
6 अक्तूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने वहीं धरना दिया। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
विपक्ष की ओर से सीईसी से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि 6 अक्तूबर को शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक तौर पर मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था।
आयोग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के जरिए उसे करीब 240 विपक्षी सांसदों के चुनाव आयुक्तों से मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने कहा कि वह सांसदों से मिलने के लिए तैयार था, लेकिन मुलाकात चुनाव आयोग के परिसर में तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए थी।
विपक्ष की ओर से संसद भवन एनेक्सी में मुलाकात की मांग की गई थी।
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