शिमला में भाजपा और SFI कार्यकर्ता आमने-सामने, प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की

HIGHLIGHTS
- शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा और एसएफआई कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
- दोनों संगठनों के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
- पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दोनों पक्षों को अलग किया और टकराव रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा और एसएफआई के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई। घटना के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोका और सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को आपस में भिड़ने से रोका।
एसएफआई के कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ मारपीट और पेपर लीक मामले को लेकर क्रमिक अनशन कर रहे हैं। वहीं भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी आमने-सामने आ गए।
भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में किया धरना
भाजपा की ओर से सीटीओ चौक पर दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के विरोध में धरना आयोजित किया गया।
इस धरने में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, राजीव सहजल, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार, रश्मिधर सूद, सचिव संजय ठाकुर, कुसुम सदरेट, प्रमोद ठाकुर, प्रेम ठाकुर, प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, प्रत्याशी संजय सूद, रवि मेहता, केएल ठाकुर, परमजीत पम्मी, चेतन बरागटा, पुरुषोत्तम गुलेरिया, रमा ठाकुर, सुदीप महाजन, प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष अरुण फलटा, रतन पाल, जिला पदाधिकारी, सभी मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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