सीबीआई और विजिलेंस ब्यूरो ने डीआईजी भुल्लर के ठिकानों पर मारा छापा

HIGHLIGHTS
- चंडीगढ़/पंजाब।
- रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर जांच के लिए पहुंची।
- डीआईजी भुल्लर को 18 अक्तूबर को पंजाब सरकार ने गृह विभाग के आदेश पर निलंबित किया था।
- सीबीआई ने मोहाली से डीआईजी भुल्लर को एक स्क्रैप डीलर से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
- इस कार्रवाई के तहत सीबीआई की आठ टीमों ने अंबाला, मोहाली, चंडीगढ़ और रोपड़ सहित सात ठिकानों पर रेड की।
- डीआईजी भुल्लर के ऑफिस, घर, फार्महाउस औ…
चंडीगढ़/पंजाब। रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर जांच के लिए पहुंची। डीआईजी भुल्लर को 18 अक्तूबर को पंजाब सरकार ने गृह विभाग के आदेश पर निलंबित किया था।
सीबीआई ने मोहाली से डीआईजी भुल्लर को एक स्क्रैप डीलर से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के तहत सीबीआई की आठ टीमों ने अंबाला, मोहाली, चंडीगढ़ और रोपड़ सहित सात ठिकानों पर रेड की। डीआईजी भुल्लर के ऑफिस, घर, फार्महाउस और अन्य संपत्तियों को खंगाला गया।
संपत्ति और कैश की जब्ती
जांच में डीआईजी भुल्लर के चंडीगढ़ कोठी से साढ़े सात करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जो तीन बैग और एक सूटकेस में रखे थे। इसके अलावा सोने के गहने, 22 महंगी घड़ियां, बैंक लॉकरों की चाबियां और 40 लीटर विदेशी शराब भी जब्त की गई। भुल्लर 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनके पिता महल सिंह भुल्लर पंजाब के पूर्व डीजीपी रह चुके हैं।
बीचौलिये कृष्णु ने खोले कई राज
सीबीआई पूछताछ में बिचौलिये कृष्णु ने कबूल किया कि डीआईजी भुल्लर के कहने पर वह मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला, डेराबस्सी, जीरकपुर, पटियाला और अन्य जगहों पर बड़ी रकम वसूल करता था। उसने बताया कि पिछले कुछ समय से हर महीने 5 से 7 लाख रुपये डीआईजी भुल्लर के कहने पर अलग-अलग लोगों से लाता था। लेकिन स्क्रैप डीलर अकाश बत्ता से 8 लाख रुपये रिश्वत लेना उन्हें महंगा पड़ा।
संपत्तियों की जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
डीआईजी भुल्लर के घर और अन्य ठिकानों से मिली संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच में बड़े खुलासे होने की संभावना है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये बेनामी संपत्तियां कैसे खरीदी गईं और इसके लिए पैसा कहां से आया। इसके अलावा डीआईजी भुल्लर के पास मिली डायरी ने कई रसूखदार व्यक्तियों को भी जांच के घेरे में ला दिया है।
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