CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा CJP, 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन का ऐलान

HIGHLIGHTS
- सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस्तीफे की मांग दोहराई।
- संगठन ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन की बात कही।
- एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाने का आरोप।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार को कहा कि संगठन अपनी मांग पर कायम है और इससे पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। रांका ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इन आरोपों को लेकर जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए।
रांका के मुताबिक, एसआईआर 2 अक्तूबर से देशभर में प्रदर्शन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सीईसी अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले भी सीजेपी ने 24 सितंबर को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
13 करोड़ नाम हटाने का आरोप
सीजेपी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से ज्यादा नाम बाहर किए गए। पार्टी ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए 'चुनाव आयोग ठीक करो' अभियान शुरू किया है।
यह आंकड़ा और इससे संबंधित आरोप राजनीतिक बहस का मुद्दा बने हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में भी एसआईआर के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की बात कही गई है।
रांका ने कहा- प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दें CEC
आशुतोष रांका ने मांग की कि सीईसी ज्ञानेश कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इन आरोपों पर जनता के सामने अपना पक्ष रखें। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि भाजपा की ओर से सीईसी का बचाव क्यों किया जा रहा है।
रांका ने यह भी कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास है तो उन्हें सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट करना चाहिए कि एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़ी सामने आई रिपोर्टों में किए गए दावे सही हैं या गलत।
असम में परिसीमन को लेकर भी आरोप
सीजेपी प्रवक्ता ने असम में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि परिसीमन का लाभ सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन को मिला। हालांकि, ये आरोप रांका के राजनीतिक दावे हैं और इनके समर्थन में स्वतंत्र प्रमाण इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।
रांका ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा।
मणिपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन
इसी विवाद के बीच सोमवार को मणिपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में प्रदर्शन किया और सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। इंफाल ईस्ट में प्रदर्शनकारियों ने जिला आयुक्त कार्यालय के पास नारेबाजी की। इस दौरान 'लोकतंत्र बचाओ, चुनाव आयोग बचाओ' और 'हमारा वोट, हमारा अधिकार' जैसे संदेशों वाले पोस्टर भी दिखाए गए।
थौबल में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। वहीं, चुराचांदपुर में भी जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने इन प्रदर्शनों को देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बताया है। इससे पहले भी मणिपुर में कांग्रेस ने सीईसी के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
महाराष्ट्र में कांग्रेस का हल्लाबोल
महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोमवार को राज्यभर में प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग का कामकाज पक्षपातपूर्ण रहा है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सीईसी और चुनाव आयोग सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम कर रहे हैं।
नागपुर-पुणे में कांग्रेस ने क्या किया?
पुणे में कांग्रेस की जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पार्टी नेताओं ने डिप्टी कलेक्टर ज्योति कदम को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप और वरिष्ठ नेता मनोज जोशी भी शामिल हुए।
नागपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान चौक पर प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट की तरफ मार्च किया। नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा की ओर से काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर हमला बताया।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव याज्ञवल्क्य जिचकर ने भी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
कोल्हापुर में कांग्रेस की क्या मांग रही?
कोल्हापुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यहां ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक राजू आवले, शहर अध्यक्ष प्रवीण केसरकर, विपक्ष के नेता राजेश लाटकर और समूह नेता इंद्रजीत बोंद्रे समेत अन्य नेता शामिल हुए।
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