समारोह में हवाई फायरिंग बनी जानलेवा, दिल्ली पुलिस के जवान अमरजीत ने तोड़ा दम

HIGHLIGHTS
- घटना के बाद उसे भिवानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- हालत गंभीर होने पर उसे हिसार रेफर किया गया था।
- 24 सितंबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।
सिंघवा खास गांव में कुआं पूजन समारोह के दौरान हुई हवाई फायरिंग में गोली लगने से घायल दिल्ली पुलिस के 35 वर्षीय जवान अमरजीत की इलाज के दौरान मौत हो गई। अमरजीत के बाएं पैर में गोली लगी थी।
गंभीर हालत में उसे भिवानी के निजी अस्पताल से हिसार रेफर किया गया था। यहां 24 सितंबर की रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को हिसार के नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। बास थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी रिंकू के बयान पर दो नामजद सहित अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
मृतक की पत्नी रिंकू ने पुलिस को बताया कि वह जींद जिले के सफीदों क्षेत्र के रोजला गांव की रहने वाली है। 23 सितंबर को वह अपने पति अमरजीत के साथ अपने मामा के बेटे और सिंघवा खास निवासी अंकित के घर उसके बेटे के कुआं पूजन समारोह में शामिल होने पहुंची थी।
रिंकू के अनुसार, रात करीब 10 बजे समारोह में परिवार के सदस्य और रिश्तेदार खुशी में नाच रहे थे। इसी दौरान सिंघवा खास निवासी सुरेंद्र और भिवानी निवासी उसका दोस्त मनोज भी वहां पहुंचा। रिंकू का आरोप है कि दोनों के पास हथियार थे और वे अपने साथियों के साथ हवाई फायरिंग कर रहे थे।
बास थाना पुलिस के जांच अधिकारी जय सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने हिसार के नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
बच्चों से भी हवाई फायरिंग करवाने का आरोप
रिंकू ने आरोप लगाया कि सुरेंद्र और मनोज खुद हवाई फायरिंग कर रहे थे। उसका यह भी आरोप है कि समारोह में आए छोटे बच्चों से भी हथियार चलवाकर हवाई फायरिंग कराई जा रही थी। इसी दौरान अचानक चली गोली अमरजीत के बाएं पैर में लग गई।
गोली लगते ही अमरजीत जमीन पर गिर पड़ा और दर्द से चिल्लाने लगा। घटना के बाद सुरेंद्र, मनोज और उनके अन्य साथी हथियारों के साथ मौके से फरार हो गए। परिजनों ने तुरंत वाहन की व्यवस्था कर अमरजीत को इलाज के लिए भिवानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन अमरजीत को हिसार के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा था। वीरवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पांच साल की बेटी ने खोया पिता
अमरजीत दिल्ली पुलिस में जवान था। उसके परिवार में पत्नी रिंकू के अलावा पांच साल की बेटी है। जवान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पिता की मौत से पांच साल की बेटी ने अपना पिता खो दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सदमे में होने के कारण अगले दिन नहीं दे सकी बयान
रिंकू ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद वह सदमे में थी, इसलिए तत्काल अपना बयान नहीं दे सकी। अब पुलिस को दिए बयान में उसने सुरेंद्र, मनोज और उनके अन्य साथियों पर गैर जिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण तरीके से हथियारों से फायरिंग करने का आरोप लगाया है।
रिंकू ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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