CJP प्रोटेस्ट में विदेशी फंडिंग के वायरल पोस्ट को MEA ने बताया भ्रामक

HIGHLIGHTS
- विदेश मंत्रालय ने CJP प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग से जुड़े वायरल दावे को भ्रामक बताया।
- मंत्रालय ने रणधीर जायसवाल के वास्तविक बयान को साझा कर गलत जानकारी का खंडन किया।
- CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप और NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन का मामला चर्चा में है।
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट को भ्रामक बताया है। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे युवाओं के विरोध प्रदर्शन में किसी भी तरह की विदेशी फंडिंग से इनकार किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि रणधीर जायसवाल ने कहा है कि उनसे कई बार CJP के विरोध प्रदर्शन की फंडिंग को लेकर सवाल पूछे गए हैं और खुफिया व जांच रिपोर्टों के अनुसार इसमें कोई विदेशी फंडिंग नहीं है।
विदेश मंत्रालय ने दावे को बताया गलत
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने एक्स पर इस दावे का खंडन किया। मंत्रालय ने रणधीर जायसवाल के वास्तविक बयान को साझा करते हुए कहा कि वायरल पोस्ट भ्रामक है और प्रवक्ता के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पत्रकार मधु ने विदेशी फंडिंग से जुड़ा सवाल पूछा था। इसके जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा था कि विदेशी फंडिंग और मौजूदा विरोध प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों पर उनके पास फिलहाल साझा करने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी, जिसमें कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं के एक वर्ग का वर्णन करने के लिए कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया।
CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप इसके संस्थापक अभिजीत दिपके की पृष्ठभूमि से जुड़े बताए जाते हैं। दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बोस्टन में ही CJP की शुरुआत की थी और मई में हुए NEET (UG) पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए जून में भारत लौटे थे।
गौरतलब है कि CJP आंदोलन और देश के अन्य हिस्सों में हुए लगातार विरोध प्रदर्शनों के दबाव के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कथित NEET (UG) प्रश्न पत्र लीक और अन्य विवादों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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