कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को ‘काला दिवस’ मनाने का किया ऐलान, देशभर में होगा प्रदर्शन

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक समितियों को प्रदर्शन के निर्देश दिए।
- के.सी. वेणुगोपाल ने सभी संबंधित इकाइयों से तत्काल कार्रवाई की अपील की।
- इंडिया ब्लॉक के सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे।
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि इस दिन राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस ने यह फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लिया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी कर प्रदेश कांग्रेस समितियों, जिला कांग्रेस समितियों और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को 8 अक्टूबर को प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से व्यापक विरोध की अपील की
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी संदेश में 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक/मंडल स्तर पर व्यापक प्रदर्शन करने को कहा गया है। पार्टी ने इसे बेहद जरूरी बताते हुए सभी संबंधित इकाइयों से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
राहुल-प्रियंका समेत कई विपक्षी सांसद हिरासत में लिए गए
बुधवार को इंडिया ब्लॉक के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। विपक्षी सांसद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसद निर्वाचन आयोग से मिलकर अपनी शिकायतें रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान सड़क पर लेट गईं प्रियंका गांधी
पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रियंका गांधी सड़क पर लेट गईं और वहां से हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें खरोंचा और प्रदर्शनकारियों को जमीन पर गिराया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर ले गए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद केवल निर्वाचन आयोग से मिलने और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों के साथ बलपूर्वक व्यवहार किया गया।
प्रियंका गांधी ने कहा- सरकार को हटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं
हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सरकार को हटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र में जनता की आवाज का महत्व है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के सिद्धांतों के मुताबिक काम नहीं कर रही है और विपक्ष के प्रदर्शनों को रोका जा रहा है।
‘300 से ज्यादा सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं’
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि 300 से ज्यादा सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी सांसद कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दे निर्वाचन आयोग के सामने रखना चाहते हैं और चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद शांतिपूर्वक तरीके से आयोग तक जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध तेज किया है।
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