'पुलिस पर गोली चलेगी तो जवाब मिलेगा', DGP राजीव कृष्ण का सख्त संदेश

HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश के नए पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पदभार संभालने के बाद साफ किया है कि राज्य में अपराध के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।
- उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर हमला करता है या गोली चलाता है, तो पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एनकाउंटर की नीति भी लागू की जाएगी।
- उनका कहना था कि राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलना चाहिए।
- सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि महिलाओं और व्यापा…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नए पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पदभार संभालने के बाद साफ किया है कि राज्य में अपराध के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस पर हमला करता है या गोली चलाता है, तो पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एनकाउंटर की नीति भी लागू की जाएगी। उनका कहना था कि राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा का पूरा भरोसा मिलना चाहिए।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके जरिए पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के चलते महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
डीजीपी ने बढ़ते साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इस पर नियंत्रण के लिए 62 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही तकनीक के बेहतर उपयोग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक साइबर फ्रॉड मामलों में 400.66 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की जा चुकी है।
नई आपराधिक संहिताओं—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता में रखते हुए डीजीपी ने कहा कि प्रयास है कि आपराधिक मामलों की विवेचना 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी की जाए। इससे न्याय प्रक्रिया और अधिक तेज होगी।
उन्होंने ई-साक्ष्य प्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण और न्यायालय में प्रस्तुतिकरण को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक दर्ज 10.93 लाख एफआईआर के सापेक्ष 10.65 लाख डिजिटल साक्ष्य आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें से 6.07 लाख एफआईआर को सफलतापूर्वक लिंक किया गया है। इसके अलावा 1 दिसंबर 2024 से 22 मई तक 4,96,506 ई-समन जारी किए गए हैं।
डीजीपी ने कहा कि सरकार की नीति के तहत संगठित अपराध, माफिया और उनसे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ वित्तीय और तकनीकी आधार पर कार्रवाई और तेज की जाएगी। अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों, शेल कंपनियों, बेनामी निवेश और हवाला नेटवर्क की गहन जांच कर आर्थिक स्रोतों को खत्म किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपराधियों के पूरे आर्थिक और सहयोगी तंत्र को ध्वस्त करना होगा। इसके लिए आर्थिक अपराध शाखा, साइबर क्राइम यूनिट और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
गाजीपुर में हाल ही में हुए होटल व्यवसायी के बेटे की हत्या का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह गंभीर मामला है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की उपलब्धियां भी गिनाईं
डीजीपी ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 93 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर हासिल की गई है। 32,071 मामलों में अदालतों ने फैसला सुनाया, जिनमें 29,911 मामलों में दोष सिद्ध हुआ और 42,681 अभियुक्तों को सजा दी गई।
गैंगस्टर एक्ट के तहत 5,684 अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए करीब 788.38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। वहीं लूट के मामलों में 27.8 प्रतिशत, चोरी में 14.4 प्रतिशत और डकैती के मामलों में 11.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश के 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 13,500 से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है। 40 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप दुष्कर्म मामलों में लगभग 33.92 प्रतिशत, अपहरण में 17.03 प्रतिशत, दहेज हत्या में 12.96 प्रतिशत और घरेलू हिंसा में 9.54 प्रतिशत की कमी आई है।
सड़क सुरक्षा के तहत शुरू की गई “जीरो फैटेलिटी जिला योजना” के तहत 487 दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की पहचान कर 573 क्रैश कंट्रोल टीमें तैनात की गई हैं। इसके चलते सड़क दुर्घटनाओं में 7.43 प्रतिशत, मौतों में 11.55 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.05 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
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