पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग सख्त, दो ईआरओ निलंबित करने के निर्देश

HIGHLIGHTS
- आयोग ने दोनों अधिकारियों के आरोपपत्र जांच के लिए भेजने को कहा।
- कंप्यूटर सहायक ने कथित तौर पर पोर्टल की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किया।
- 31 मई से 29 अगस्त के बीच फॉर्म-8 के 13,779 आवेदन दर्ज हुए।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मामले में चुनाव आयोग ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने को कहा है। साथ ही निर्देश दिया है कि दोनों के आरोपपत्र जांच के लिए आयोग को भेजे जाएं और उसकी पूर्व अनुमति के बिना उन्हें बहाल न किया जाए।
चुनाव आयोग ने शनिवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा को पत्र भेजकर ये निर्देश दिए। आयोग ने दोनों अधिकारियों के साथ मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 198 जोड़ने को भी कहा है। आयोग ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
10,470 मतदाता प्रविष्टियों में अनियमितता का आरोप
यह मामला पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची में दर्ज 10,470 प्रविष्टियों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में पता चला कि एक कंप्यूटर सहायक ने कथित तौर पर ईसीआईनेट पोर्टल की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग किया। इसके जरिए 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाता विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म-8 के कुल 13,779 आवेदन दर्ज किए गए।
इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकार कर लिए गए, जबकि 3,309 आवेदन निरस्त हुए। जांच के दौरान इन आवेदनों से संबंधित फॉर्म और उनके साथ लगाए गए सहायक दस्तावेज संबंधित कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद मामला सामने आया और विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किए जाने के आरोप लगाए। इनमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी शामिल थीं।
प्रदेश के सभी मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर लॉगिन आईडी निष्क्रिय करने के निर्देश
पीलीभीत मामले के सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर तैनात कंप्यूटर सहायकों की ईसीआईनेट पोर्टल लॉगिन आईडी निष्क्रिय कराने का निर्देश दिया था। साथ ही संबंधित ईआरओ से इस कार्रवाई की पुष्टि कराने को भी कहा गया था।
इसके अलावा, पीलीभीत मामले में कथित रूप से शामिल आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के लिए संबंधित फर्म को निर्देश जारी किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का खुद सत्यापन करने और अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजने के लिए भी कहा गया है।
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