बिहार में बेल्ट्रॉन कर्मियों का प्रदर्शन, 20 हजार कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग

HIGHLIGHTS
- पटना के डाकबंगला चौराहे पर कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन।
- मार्च में महिला कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
- सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए।
बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों में बेल्ट्रॉन के जरिए काम कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को पटना में विरोध प्रदर्शन किया। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने रोड मार्च निकाला। उनकी प्रमुख मांगों में राज्यकर्मी का दर्जा, सेवा की सुरक्षा और निर्धारित वेतनमान लागू करना शामिल है।
गांधी मैदान से इनकम टैक्स गोलंबर की ओर जा रहे कर्मचारियों को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोक दिया। इससे प्रदर्शनकारी नाराज हो गए और वहां हंगामा करने लगे। इसके बाद कर्मचारी आगे बढ़कर डाकबंगला चौराहे पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा।
जेपी गोलंबर पर रोके जाने से नाराज हुए कर्मचारी
प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक से इनकम टैक्स गोलंबर तक रोड मार्च शुरू किया था। मार्च के दौरान पटना पुलिस ने कर्मचारियों को जेपी गोलंबर पर ही रोक दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई और हंगामा किया। कुछ समय बाद वे वहां से आगे बढ़े और डाकबंगला चौराहे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस मार्च में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बिहार के सभी 38 जिलों में भी रोड मार्च आयोजित किया गया।
करीब 20 हजार कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग
प्रदर्शन में सचिवालय समेत पटना के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में बेल्ट्रॉन के माध्यम से नियोजित हजारों कर्मचारी शामिल हुए। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी ब्वॉय-गर्ल शामिल थे।
संयुक्त मोर्चा का दावा है कि लगभग 20 हजार कर्मचारी पिछले 29 वर्षों से भी अधिक समय से राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों में काम कर रहे हैं। कर्मचारियों ने उन्हें जल्द राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग उठाई। साथ ही सूचना प्रावैधिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने और उनकी मांगों को लेकर लिखित सरकारी आदेश जारी करने की अपील की।
'लंबे समय तक सेवा देने से कई कर्मचारियों की उम्र सीमा पार'
रोड मार्च के दौरान संयुक्त मोर्चा के संरक्षक चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि बेल्ट्रॉन कर्मियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय राज्य सरकार की सेवा में लगाया है। इतने लंबे समय तक काम करने के कारण कई कर्मचारियों की उम्र सरकारी नौकरी के लिए तय सीमा से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित कर उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाना चाहिए।
1997 से सेवाएं दे रहे कर्मचारी, सैकड़ों बिना लाभ के हुए रिटायर
संयुक्त मोर्चा के सदस्य अशोक कुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 1997 से इन कर्मचारियों की सेवाएं ले रही है। उनके मुताबिक, बीते 29 वर्षों में सैकड़ों कर्मचारी बिना किसी सेवानिवृत्ति लाभ के रिटायर हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि बेल्ट्रॉन कर्मी सरकारी कार्यालयों में टाइपिंग से लेकर ऑनलाइन कामकाज तक की जिम्मेदारियां संभालते हैं। उनका काम स्थायी प्रकृति का है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अशोक कुमार यादव ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सरकार से जल्द नीतिगत फैसला लेने और कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की।
पद सृजित कर निर्धारित वेतनमान देने की मांग
संयुक्त मोर्चा के सदस्य विशाल कुमार ने कहा कि बेल्ट्रॉन कर्मियों से पिछले 29 वर्षों से ठेका मजदूरों की तरह काम लिया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार ने अब तक न तो उनकी सेवा शर्तें तय की हैं और न ही कोई नियमावली बनाई है। कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा भी नहीं दी गई है।
उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों के लिए पदों का सृजन किया जाए और उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देने के साथ निर्धारित वेतनमान लागू किया जाए। विशाल कुमार ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर संयुक्त मोर्चा प्रदेश स्तर पर हड़ताल और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।
नियुक्ति प्रक्रिया और रोस्टर पालन का भी उठाया मुद्दा
संयुक्त मोर्चा के सदस्य रघुनन्दन कुमार ने कहा कि सरकारी विभागों में बेल्ट्रॉन कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारियां अहम हैं। वे करीब तीन दशकों से अपने तय काम नियमित रूप से कर रहे हैं, लेकिन सेवा सुविधाएं नहीं मिलने के कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों की नियुक्ति राज्य सरकार के निगम के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई थी और इसमें रोस्टर बिंदुओं का भी पालन हुआ था। इसके बावजूद उन्हें स्थायी सेवा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। संयुक्त मोर्चा ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
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