दिवाली से देव दीपावली तक यूपी में हाई अलर्ट, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द; बिजली और सुरक्षा के खास इंतजाम

HIGHLIGHTS
- दीपावली से देव दीपावली तक यानी 5 से 17 नवंबर तक यूपी पुलिसकर्मियों की सामान्य छुट्टियां रद्द।
- यूपी-112 मुख्यालय में 6 से 11 नवंबर तक चार शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित।
- त्योहारों के दौरान हर आपातकालीन कॉल पर तत्काल पुलिस सहायता पहुंचाने के निर्देश।
दीपावली के त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यूपी-112 मुख्यालय में आपातकालीन पुलिस सहायता को लगातार जारी रखने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत 6 से 11 नवंबर तक अधिकारियों की शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी निर्धारित की गई है। वहीं, निरीक्षक से लेकर आरक्षी स्तर तक के पुलिसकर्मियों को चार अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए और पीआरवी के जरिए पीड़ितों तक जल्द से जल्द पुलिस सहायता पहुंचाई जाए। आपातकालीन सेवाओं में तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए सिस्टम इंटीग्रेटर और सेवा प्रदाता एजेंसियों के प्रतिनिधियों की ड्यूटी भी अलग-अलग शिफ्टों में लगाई जाएगी।
बिजली आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट आने की स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर की जांच कराने और पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध रखने को कहा गया है। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान आने वाली प्रत्येक आपातकालीन कॉल पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जनसुरक्षा और आपातकालीन पुलिस सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिवाली से देव दीपावली तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
उत्तर प्रदेश में दीपावली से लेकर देव दीपावली तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां 5 से 17 नवंबर तक रद्द कर दी गई हैं। इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में किसी भी पुलिसकर्मी को अवकाश नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण की ओर से आदेश जारी किया गया है।
डीजीपी ने सभी डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी और पुलिस कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके अलावा जिलों के एसएसपी और एसपी को भी पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। हालांकि, किसी विशेष या अपरिहार्य स्थिति में संबंधित अधिकारी अपने स्तर से छुट्टी की अनुमति दे सकेंगे।
दरअसल, अगले दो सप्ताह के दौरान दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और देव दीपावली जैसे कई बड़े त्योहार पड़ रहे हैं। इन अवसरों पर बाजारों, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और छठ घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। इसके अलावा अयोध्या में दीपोत्सव सहित अन्य प्रमुख आयोजनों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए त्योहारों के दौरान पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए छुट्टियां रद्द करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और कानून-व्यवस्था पर लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों को दिवाली बोनस का तोहफा, 75 फीसदी राशि जीपीएफ में होगी जमा
दीपावली के अवसर पर सरकार ने करीब 15 लाख राज्य कर्मचारियों को बोनस देने का फैसला किया है। हालांकि, बोनस की पूरी रकम का भुगतान नकद नहीं किया जाएगा। कुल बोनस का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा होगा, जबकि बाकी 25 फीसदी रकम नकद दी जाएगी।
जो कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य नहीं हैं, उन्हें बोनस की राशि एनएससी या पीपीएफ के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों और 30 अप्रैल 2027 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी 100 फीसदी राशि नकद भुगतान के रूप में मिलेगी।
शासनादेश में बोनस की पात्रता को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। इसके अनुसार, जिन कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान किसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित किया गया है, उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मुकदमा अभी लंबित है, उनका बोनस मामले का नतीजा आने तक रोक दिया जाएगा। यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषमुक्त हो जाता है, तो उसे रोके गए सभी वर्षों का बोनस दिया जाएगा।
इस तरह होगी बोनस की गणना
- बोनस की गणना के लिए कर्मचारियों की अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है।
- एक महीने में औसतन 30.4 दिन मानकर बोनस की गणना की जाएगी। इस आधार पर अधिकतम बोनस की रकम 6,908 रुपये होगी।
- छह कार्य दिवस वाले सप्ताह के तहत संचालित कार्यालयों में कम से कम तीन साल से लगातार काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी बोनस के पात्र होंगे। इसके लिए उन्हें प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन काम करना जरूरी होगा। ऐसे कर्मचारियों की अधिकतम मासिक परिलब्धि 1,200 रुपये मानकर 1,184 रुपये बोनस निर्धारित किया गया है।
दीपावली पर प्रदेश में नहीं होगी बिजली कटौती, पावर कारपोरेशन ने की विशेष तैयारी
दीपावली और छठ पूजा समेत अन्य प्रमुख त्योहारों पर उत्तर प्रदेश के लोगों को बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराने के लिए पावर कारपोरेशन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। इस संबंध में प्रमुख सचिव एवं पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिजली आपूर्ति की समीक्षा की।
बैठक के दौरान अध्यक्ष ने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों, मुख्य अभियंताओं और विद्युत निगम के अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को भी कम से कम समय में दूर करने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से करने को कहा गया है।
उन्होंने निर्देश दिया कि यदि अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होती है या ब्रेकडाउन की स्थिति बनती है, तो उसे जल्द ठीक करने के लिए पर्याप्त संख्या में मरम्मत गैंग तैनात रहें। बिजली वितरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना फोन चालू रखने और कॉल रिसीव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा ट्रॉली ट्रांसफार्मरों की जांच करने, अवर अभियंता से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक को नियमित पेट्रोलिंग करने और ट्रांसफार्मर व फीडर सहित अन्य उपकरणों का लोड चेक करने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं के जरिए त्योहारों के दौरान प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी की गई है।
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