SIR के बाद छूटे नाम कैसे जुड़ेंगे? चुनाव आयोग ने जारी की ASDD सूची

HIGHLIGHTS
- चुनाव आयोग ने ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाताओं की सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई है।
- पात्र मतदाता ऑनलाइन या BLO के जरिए Form-6 के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके पात्र युवा भी मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी तेज हुई है। कई राज्यों में इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लेते हुए अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए मतदाताओं की श्रेणी में रखे गए लोगों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है।
इस सूची को ASDD सूची कहा गया है। अगर कोई पात्र व्यक्ति SIR के बाद मतदाता सूची में अपना नाम नहीं देख पाता है, तो वह सबसे पहले ASDD सूची में अपना नाम जांच सकता है। अगर नाम सूची से छूट गया है और संबंधित व्यक्ति मतदाता बनने की सभी जरूरी शर्तें पूरी करता है, तो वह Form-6 के माध्यम से दोबारा मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
नाम जोड़ने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। पात्र व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है या फिर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
कौन से पात्र लोग दोबारा मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं?
इस सुविधा का लाभ उन पात्र लोगों को मिलेगा, जिनका नाम SIR के दौरान मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है। चुनाव आयोग ने नए और पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवाओं के लिए भी Form-6 के जरिए आवेदन का विकल्प खुला रखा है। निर्धारित तारीख को 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवा भी मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आयोग ने BLO को ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान करने का निर्देश दिया है, जिनका नाम SIR के दौरान मतदाता सूची में नहीं आ सका। इसके लिए BLO SIR से पहले और उसके बाद की मतदाता सूचियों की तुलना करेंगे और पात्र लोगों की पहचान करेंगे।
ASDD सूची में अपना नाम कैसे देखें?
ASDD मतदाताओं की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर मौजूद लिंक के जरिए भी यह सूची देखी जा सकती है।
जिन पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची से छूट गया है, उनकी पहचान के लिए BLO घर-घर भी जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, BLO को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 घरों का दौरा करने के लिए कहा गया है। पूरी कवायद को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहचान किए गए मतदाताओं के घर सरकारी प्रतिनिधि जाकर उनकी स्थिति की पुष्टि करेंगे। इसके साथ ही पात्र लोगों को Form-6 भरने में भी सहायता दी जाएगी।
नाम जोड़ने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका होगी?
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की इस प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी शामिल किया है। BLO की ओर से तैयार की गई सूचियां राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA को सत्यापन के लिए दी जाएंगी।
सत्यापन के बाद रिपोर्ट और भरे हुए Form-6 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों यानी ERO के पास भेजे जाएंगे। मतदाता सूची में नाम शामिल करने का अंतिम निर्णय ERO कानून के अनुसार करेंगे।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद बूथ के अनुसार तैयार की गई सूचियां राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएंगी। इससे पात्र मतदाताओं के छूटे हुए नामों का मामला सामने लाने का अवसर मिलेगा।
विशेष कैंप कहां लगाए जाएंगे?
चुनाव आयोग ने नाम जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोहल्लों, रैन बसेरों, मजदूर बस्तियों तथा बेघर और वंचित लोगों के इलाकों में विशेष कैंप लगाने का फैसला किया है।
इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। SVEEP कार्यक्रम के जरिए लोगों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ चुनाव अधिकारी पूरी प्रक्रिया की रोजाना निगरानी करेंगे।
Form-6 को लेकर क्या है विवाद?
Form-6 को लेकर भी विवाद सामने आया है। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसने SIR के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे Form-6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी बयान में मई 2026 के बिहार SIR से जुड़े फैसले के आधार पर Form-6 में घोषणा को शीर्ष अदालत की मंजूरी मिलने की बात कही थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने Form-6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है।
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