SIR विवाद के बीच विपक्षी सांसद आज चुनाव आयोग तक निकालेंगे मार्च, CEC को हटाने की मांग

HIGHLIGHTS
- 'इंडिया' गठबंधन के कई दलों के नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
- 8 अक्तूबर तक जिला स्तर पर पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
- 10 से 20 अक्तूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी।
नई दिल्ली। विपक्षी नेता और सांसद मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन' तक मार्च निकालेंगे। यह मार्च 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है।
क्यों निकाला जा रहा है मार्च?
विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित खामियों को लेकर लगातार अभियान चला रहे हैं और चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसी के तहत यह मार्च निकाला जा रहा है। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन में शामिल कई दलों के नेताओं के मार्च में शामिल होने और चुनाव आयोग के सामने अपनी चिंताएं रखने की उम्मीद है।
यह प्रदर्शन विपक्ष के लोकतंत्र बचाओ अभियान का हिस्सा है। इसके तहत विपक्षी नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और जन-कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी राजनीतिक टकराव के बीच 'निर्वाचन सदन' तक होने वाला यह मार्च विवाद को और बढ़ा सकता है।
सांसद जयराम रमेश ने क्या कहा था?
इससे पहले 5 अक्तूबर को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया था कि 'इंडिया' गठबंधन के तय कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सभी विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा था कि यह मार्च कथित वोट चोरी के मुद्दे और सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
सुबह 11 बजे शुरू होगा मार्च
जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) के अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ दो घंटे तक बैठक हुई।
उन्होंने बताया कि विपक्षी सांसदों को मार्च से पहले सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर एकत्र होने के लिए कहा गया है। इसके बाद सुबह 11 बजे सभी विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
आगे क्या है विपक्ष का कार्यक्रम?
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। 8 अक्तूबर तक 'इंडिया' गठबंधन की सभी पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं करेंगी। इस दौरान प्रदर्शन और बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि वोट चोरी के मुद्दे और सीईसी को हटाने की मांग को लेकर 10 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी। इसके बाद 25 अक्तूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला स्तर के साथ-साथ हर गांव में चौपालों पर 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैलियां आयोजित की जाएंगी।
इस महीने का उद्देश्य उन 13.5 करोड़ मतदाताओं के बारे में जानकारी जुटाना होगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं।
चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद शुक्रवार से ही नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
यह विरोध प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी पार्टियों की बैठक के बाद बुलाया गया था।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की आलोचना की है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में मतभेद होने के आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने कहा है कि इस प्रक्रिया से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
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