AI पर इंसानी नियंत्रण जरूरी, सत्य नडेला बोले- शक्तिशाली सिस्टम निगरानी में रहना चाहिए

HIGHLIGHTS
- सत्य नडेला ने अत्याधुनिक AI सिस्टम की सुरक्षा को लेकर अपनी राय रखी।
- उन्होंने AI मॉडल की लगातार जांच के लिए स्वतंत्र एम्बेडेड इवैल्यूएटर्स का समर्थन किया।
- नडेला के मुताबिक कंपनियों को अपने डेटा और गोपनीय जानकारी पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य और इसके तेजी से हो रहे विकास को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है। हाल ही में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो ओमोदेई ने AI के विकास की गति को धीमा करने की अपील की थी। अब माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने भी इस बहस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम का विकास तभी आगे बढ़ना चाहिए, जब वह इंसानों की निगरानी और नियंत्रण में रहे।
AI पर इंसानी निगरानी और नियंत्रण जरूरी
माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख ने कहा कि अत्याधुनिक AI सिस्टम को पूरी तरह से मानव निगरानी में रखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में सुपरइंटेलिजेंस जैसी AI तकनीक विकसित करने का उद्देश्य तभी सार्थक है, जब उसका लाभ मानवता को मिले और उसका नियंत्रण इंसानों के हाथ में बना रहे।
नडेला ने यह भी कहा कि AI के फायदे अधिक से अधिक देशों, समाज के विभिन्न वर्गों और कंपनियों तक पहुंचने चाहिए। इसके लिए ऐसा माहौल जरूरी है, जहां अलग-अलग प्रकार के AI मॉडल को विकसित होने का अवसर मिल सके।
AI सिस्टम की सुरक्षा जांच के लिए स्वतंत्र निगरानी की जरूरत
सत्य नडेला ने AI की सुरक्षा को लेकर एम्बेडेड इवैल्यूएटर्स की जरूरत का समर्थन किया है। ऐसे स्वतंत्र जांचकर्ताओं का काम AI सिस्टम की सुरक्षा और उसके व्यवहार पर लगातार नजर रखना होगा।
यह विचार एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई भी पहले सामने रख चुके हैं। उनका कहना है कि बड़ी AI कंपनियों को विशेषज्ञों की ऐसी टीम को अपने सिस्टम की लगातार जांच करने की अनुमति देनी चाहिए, जिससे किसी संभावित खतरे की पहचान समय रहते की जा सके।
सत्य नडेला ने भी ऐसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने की आवश्यकता जताई है। उनके अनुसार, AI सुरक्षा को लेकर केवल चर्चा तक सीमित रहने के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, जो वास्तव में प्रभावी तरीके से काम कर सके।
कंपनियों के पास अपने AI पर नियंत्रण होना चाहिए
सत्य नडेला ने कंपनियों के डेटा और उनकी विशेष जानकारी को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हर कंपनी के पास अपनी खास और गोपनीय जानकारी होती है और उस पर उसका नियंत्रण बना रहना चाहिए।
उनका कहना है कि कंपनियों को किसी एक AI मॉडल या उसके प्रदाता पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए। उनके पास अपनी जानकारी को AI मॉडल में शामिल करने और अपने उपयोग के अनुसार सिस्टम को लगातार बेहतर करने का अधिकार होना चाहिए।
इसका मतलब है कि कंपनियां केवल तैयार AI मॉडल का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी जरूरतों के हिसाब से AI को विकसित और प्रशिक्षित कर सकें।
AI पर कुछ संस्थाओं का एकाधिकार नहीं होना चाहिए
तकनीक पर किसी विशेष समूह के एकाधिकार को लेकर भी नडेला ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI का संचालन और इससे जुड़े नियम कुछ गिनी-चुनी संस्थाओं तक सीमित नहीं होने चाहिए। इसमें शिक्षाविदों समेत दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की व्यापक भागीदारी होनी चाहिए।
अपने एक नए कदम के तहत माइक्रोसॉफ्ट जल्द ही अपनी MAI प्रणाली के लिए एक आचार संहिता भी जारी करने जा रहा है। इस पर सार्वजनिक तौर पर लोगों की राय ली जाएगी।
एंथ्रोपिक के सीईओ ने दी AI को लेकर गंभीर चेतावनी
AI को लेकर यह बहस उस समय और तेज हुई जब एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडेई ने एक लेख में इस तकनीक से होने वाले फायदे और संभावित बड़े नुकसान दोनों का जिक्र किया। उनका मानना है कि आने वाले समय में AI बड़ी बीमारियों के इलाज खोजने और आर्थिक विकास को गति देने में सक्षम हो सकती है।
हालांकि, उन्होंने साइबर हमले, बायोटेररिज्म और मशीनों के नियंत्रण से बाहर होने जैसे खतरों को भी गंभीर बताया है।
हाल ही में जैकब कॉक्सन नाम के एक शोधकर्ता ने भी AI की इस अंधी दौड़ को विनाशकारी बताते हुए इंडस्ट्री से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद तकनीकी जगत में AI की सुरक्षा को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
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