‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा महाराष्ट्र, पीएम मोदी ने दी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

HIGHLIGHTS
- मुंबई के कई प्रमुख इलाकों में घरों और सार्वजनिक मंडलों में विशेष पूजा-अर्चना की गई।
- लालबागचा राजा समेत कई प्रसिद्ध गणपति पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है।
- गणपति विसर्जन के लिए 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन भव्य जुलूस निकाले जाएंगे।
महाराष्ट्र। राज्य में सोमवार से 11 दिवसीय गणेश उत्सव का आगाज हो गया। मुंबई की गलियों से लेकर भव्य पंडालों तक हर ओर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज रहे हैं। अलग-अलग आकार की गणेश प्रतिमाओं के घरों और सार्वजनिक पंडालों में पहुंचने के साथ ही मायानगरी पूरी तरह भक्ति के रंग में नजर आ रही है।
मुंबई का यह वार्षिक पर्व धार्मिक आस्था के साथ सामुदायिक उत्साह के लिए भी जाना जाता है। लालबाग की संकरी गलियों से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में तैयार किए गए आकर्षक पंडालों तक उत्सव की रौनक दिखाई दे रही है। गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर होगा। इस दिन श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भव्य जुलूस के साथ गणपति प्रतिमाओं को समुद्र तटों तक ले जाकर विधि-विधान से विसर्जित करेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा के साथ शुरू हुई पूजा-अर्चना
बड़े गणेश मंडलों की विशाल प्रतिमाएं पहले ही स्थापित की जा चुकी थीं। वहीं, रविवार रात कई छोटे मंडलों और परिवारों ने भी गणपति की प्रतिमाओं को अपने घरों और पंडालों में पहुंचाया। इस दौरान सड़कों पर भक्ति गीतों के साथ ढोल-ताशे, जयकारे और गुलाल की रंगत देखने को मिली।
गणेश उत्सव की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा की रस्मों के साथ हुई। घरों और सार्वजनिक मंडलों में विशेष पूजा, आरती और मंत्रोच्चार किए गए। मुंबई के लालबाग, परेल, गिरगांव, अंधेरी, चेंबूर और फोर्ट समेत प्रमुख इलाकों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
लालबाग बना गणेश उत्सव का प्रमुख केंद्र
गणेश उत्सव को लेकर मुंबई के प्रमुख बाजारों में भी काफी रौनक रही। दादर, क्रॉफर्ड मार्केट और लोहार चॉल में श्रद्धालु पूजा और सजावट से जुड़ा सामान खरीदते नजर आए। लोग आखिरी समय में पारंपरिक ‘मखर’ सजावट, फूलों की मालाएं, मिठाइयां और पूजा सामग्री खरीदने के लिए बाजारों में पहुंचे।
हर साल की तरह इस बार भी लालबाग गणेश उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यहां लालबागचा राजा, चिंचपोकली, गणेश गली और तेजुकाया जैसे प्रसिद्ध गणपति पंडालों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
माटुंगा स्थित GSB सेवा मंडल ने भी इस बार गणपति की प्रतिमा को सोने के आभूषणों से सजाया है। इन कीमती आभूषणों और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये की बीमा पॉलिसी भी ली गई है। यहां रोजाना होने वाली पूजा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं।
मुंबई के अन्य प्रमुख गणपति मंडलों में तिलक नगर का सह्याद्री मंडल, दक्षिण मुंबई का फोर्ट विभाग सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल, अंधेरी का आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति और गिरगांव का खेतवाड़ी गणपति मंडल शामिल हैं।
सुरक्षा के लिए 16,800 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
गणेश उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए मुंबई में 16,800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें वरिष्ठ अधिकारी और क्विक रिस्पॉन्स यूनिट के जवान भी शामिल हैं। गणपति विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाले इलाकों में संयम बनाए रखने और ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।
पीएम मोदी ने सुभाषित साझा कर दी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुभाषित साझा करते हुए गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, "देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनंत शुभकामनाएं। विघ्नहर्ता के दर्शन और पूजन का यह पावन पर्व सबके जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। उनके दिव्य आशीर्वाद से सभी के प्रयास सफल हों और राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे, यही कामना है। गणपति बाप्पा मोरया!"
प्रधानमंत्री की ओर से आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘गणेश पञ्चरत्नम्’ स्तोत्र का पहला श्लोक भी साझा किया गया है:
"मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं, कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम्। अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं, नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम्॥"
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