मानसा में परविंदर झोटा इंसाफ मोर्चे पर पुलिस का लाठीचार्ज, लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू हिरासत में

HIGHLIGHTS
- मानसा के त्रिकोनी चौक पर जारी धरने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को हिरासत में लिया गया।
- मृतक जीतू के परिजन उसकी मौत की वजह नशे की ओवरडोज बता रहे हैं।
मानसा। पंजाब के मानसा जिले में परविंदर सिंह झोटा संघर्ष कमेटी की ओर से त्रिकोनी चौक पर दिए जा रहे धरने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन के दौरान मानसा की कोट धरमु पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले युवक का शव भी लाया गया था। इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शाम को लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को भी हिरासत में ले लिया गया। दरअसल, मृतक जीतू के परिजन उसकी मौत की वजह नशे की ओवरडोज बता रहे थे, जबकि पुलिस ने इसे हत्या करार दिया। इसी को लेकर नाराज परिजनों और परविंदर झोटा इंसाफ मोर्चे के सदस्यों ने जीतू का शव पहले से जारी धरने में लाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस ने जीतू का शव कब्जे में लिया
मिली जानकारी के मुताबिक, धरने के दौरान पुलिस ने पहले लाठीचार्ज कर भीड़ को एक तरफ खदेड़ा। इसके बाद पुलिस ने जीतू के शव को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद बठिंडा में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई।
परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ
ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के दो सप्ताह बाद भी उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है और न ही अंतिम संस्कार किया जा सका है। 13 अक्टूबर को हुई हत्या के बाद से ही परिजन और समर्थक शहर के त्रिकोनी चौक पर धरना दे रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी इस्तीफा दें। इसके अलावा उनकी 11 अन्य मांगें भी थीं, जिन्हें सरकार स्वीकार कर चुकी थी। बाद में मांगों में एसएसपी वैभव चौधरी का इस्तीफा भी शामिल कर दिया गया।
बीते दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पटियाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया था कि परविंदर झोटा के परिवार की सभी जायज मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने कहा था कि शव का पोस्टमार्टम करवाना परिवार की अपनी मर्जी है।
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