मणिपुर के कांगपोकपी में छह ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक प्रदर्शन, सरकारी वाहनों पर पथराव

HIGHLIGHTS
- मोटबुंग और आसपास के क्षेत्रों में आधी रात तक हंगामा चला।
- प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आवागमन बाधित किया।
- भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों द्वारा छह ग्रामीणों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी। शनिवार रात करीब 10 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन आधी रात तक मोटबुंग और आसपास के इलाकों में जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता बाधित किया और सरकारी वाहनों पर पथराव किया।
क्या बोले प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि सुरक्षा बलों ने बिना कोई वजह बताए खोलेन गांव के छह ग्रामीणों को हिरासत में लिया। खोलेन गांव नागा बहुल चवांगकिनिंग गांव के पास स्थित है, जहां हाल ही में हथियारबंद बदमाशों ने हमला किया था।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी निर्माण मशीनों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा मोटबुंग में नेशनल हाईवे-2 के कुछ हिस्सों को भी खोद दिया गया। यह हाईवे इम्फाल को दीमापुर से जोड़ता है।
विरोध प्रदर्शन में ग्रामीण घायल
विरोध प्रदर्शन और हंगामे के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पास के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बाद में सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिए गए सभी ग्रामीणों को रिहा कर दिया। ग्रामीणों की रिहाई के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। प्रशासन के अनुसार, अब इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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