IIT बॉम्बे में बीटेक छात्र की मौत, प्रोफेसर पर उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप

HIGHLIGHTS
- 20 वर्षीय साहिल वाकोडे ऊर्जा विज्ञान विभाग में द्वितीय वर्ष के छात्र थे।
- शुक्रवार की परीक्षा के दौरान उन्हें मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया था।
- पवई पुलिस ने माता-पिता की शिकायत पर SC/ST एक्ट के प्रावधान लगाए।
मुंबई। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या से मौत हो गई। आईआईटी पवई कैंपस में छह महीने के भीतर यह आत्महत्या का तीसरा मामला बताया गया है। मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। संस्थान में यह संभवतः इस तरह का पहला मामला है।
पवई पुलिस ने छात्र के माता-पिता की शिकायत के आधार पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लगाए हैं। शनिवार देर रात मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। 20 वर्षीय साहिल वाकोडे ऊर्जा विज्ञान विभाग में द्वितीय वर्ष के छात्र थे।
शुक्रवार को दोपहर 2 से 4 बजे के बीच हुई परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया था। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा का प्रश्नपत्र एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसके जवाब मांगे थे। इसके बाद उन्हें उनके हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया।
एफआईआर में एनर्जी साइंस विभाग के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला का नाम दर्ज है। वह परीक्षा में इनविजिलेटर थे और हाल तक संस्थान में डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के पद पर भी रहे हैं। एफआईआर में संस्थान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का भी उल्लेख किया गया है। यह इस साल परिसर में आत्महत्या की तीसरी घटना बताई गई है।
पिता ने जातिसूचक टिप्पणी का लगाया आरोप
साहिल के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे वह काफी आहत हुआ और उसने यह कदम उठाया।
साहिल के पिता रविंद्र, जो मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव सोसायटी के पदाधिकारी हैं, और मां सोनाली, जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, ने आरोप लगाया कि उनका बेटा पिछले तीन महीनों से प्रोफेसर के उत्पीड़न और जातिवादी टिप्पणियों का सामना कर रहा था।
परिवार ने राजवाड़ी अस्पताल के पोस्टमॉर्टम सेंटर से सात घंटे से अधिक समय तक बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया। रविंद्र ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वह बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। साहिल उनके इकलौते बेटे थे।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के समझाने और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के आश्वासन के बाद परिवार ने देर रात शव ले लिया। परिवार के वकील ने राज्य सरकार से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मुआवजा तत्काल देने की मांग की है।
छात्रों ने किया प्रदर्शन
बीटेक छात्र की आत्महत्या के बाद कई छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। छात्रों ने संस्थान के प्रशासन से जवाबदेही और मामले में पारदर्शिता की मांग की।
एक छात्र ने कहा, "हमारे विरोध का कारण यह है कि आज हमारे कॉलेज में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इसीलिए हम विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, ताकि प्रशासन से जवाबदेही, पारदर्शिता और सवालों के जवाब मांग सकें।"
छात्र ने आगे कहा, "यह पहली घटना नहीं है। अकेले इस साल ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं और दो तो पिछले दो महीनों में ही हुई हैं। हमें नहीं पता कि ऐसा क्यों हो रहा है, इसके पीछे क्या कारण हैं।"
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