सेमीकॉन इंडिया: वैष्णव ने पीएम मोदी को बताया भारत का आर्किटेक्ट

HIGHLIGHTS
- आयोजन में 400 से अधिक अधिकारी और 150 से ज्यादा वक्ता शामिल होंगे।
- प्रदर्शनी के लिए करीब 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है।
- छह देशों और 12 राज्यों की ओर से पवेलियन लगाए जाएंगे।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आज नई गति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं से संवाद भी किया। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां, 400 से ज्यादा अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। सेमीकॉन इंडिया भारत को वैश्विक चिप उद्योग से सीधे जुड़ने के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराता है।
19 सितंबर तक चलेगा कार्यक्रम
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक होगा। इस बार सम्मेलन की थीम 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखी गई है। इसमें वैश्विक कंपनियों के अलावा नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग, निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ कुशल प्रतिभाओं को विकसित करना है।
इस आयोजन को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा वैश्विक उद्योग संगठन सेमी के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
600 से अधिक कंपनियां करेंगी तकनीक का प्रदर्शन
सेमीकॉन इंडिया 2026 की प्रदर्शनी में 600 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां हैं। प्रदर्शनी के लिए लगभग 15,000 वर्ग मीटर का क्षेत्र तैयार किया गया है। सम्मेलन के अलग-अलग सत्रों में 150 से अधिक वक्ता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे। इनमें चिप निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल हैं।
6 देशों और 12 राज्यों के पवेलियन
आयोजन में छह देशों के पवेलियन बनाए गए हैं, जबकि 12 राज्य सरकारों की ओर से भी अलग पवेलियन लगाए जाएंगे। इसके साथ ही स्टार्टअप, इनोवेशन, छात्रों, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष मंच तैयार किए गए हैं।
स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और समाधान प्रदर्शित करेंगे। वहीं, वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल से जुड़े अवसरों पर फोकस किया जाएगा।
'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' दिखाएगा पूरी प्रक्रिया
इस बार कार्यक्रम में 'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' नाम से नया वैल्यू चेन एक्सपीरियंस तैयार किया गया है। इसके माध्यम से आगंतुकों को एक ही जगह सेमीकंडक्टर की पूरी प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा। इसमें कच्चे माल से चिप निर्माण, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतिम सिस्टम तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई जाएगी।
स्टार्टअप पिच और छात्र हैकाथॉन का भी आयोजन
सेमीकॉन इंडिया 2026 में स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य नए विचारों, शोध और तकनीकी समाधानों को उद्योग के सामने लाना है।
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सप्लाई चेन को मजबूत करने, अनुसंधान, एडवांस्ड पैकेजिंग और प्रतिभा विकास से जुड़े मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा भी होगी।
पीएम मोदी ने कंपनियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की
उद्घाटन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ राउंडटेबल बैठक की। इस दौरान उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के अगले चरण में उद्योग की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने भारत की प्रतिभा, तकनीक को अपनाने की क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी ताकत बताते हुए कंपनियों से कौशल विकास, इनोवेशन और नई तकनीकों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। बैठक में माइक्रोन, इंटेल, एएमडी, एएसएमएल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन, आईबीएम रिसर्च समेत कई वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सेमीकॉन इंडिया?
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। दुनिया में चिप की मांग बढ़ने और सप्लाई चेन को अधिक भरोसेमंद बनाने की जरूरत के बीच भारत के लिए नए निवेश और साझेदारी के अवसर बन रहे हैं।
ऐसे में यशोभूमि में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की अगली दिशा तय करने वाला बड़ा मंच बनकर सामने आ रहा है।






















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