हिंद महासागर सुरक्षा: एडमिरल त्रिपाठी ने की देशों से सहयोग बढ़ाने की अपील

भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने शनिवार को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के देशों से समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने बताया कि समुद्री डकैती, अवैध प्रवासन और ड्रग तस्करी जैसे अपराध अब पहले से कहीं अधिक संगठित और तकनीकी रूप से परिष्कृत हो चुके हैं। इसलिए इन खतरों का मुकाबला करने के लिए देशों के बीच संयुक्त अभियान आवश्यक हैं।
गोवा में नौसेना युद्ध महाविद्यालय में आयोजित गोवा समुद्री सम्मेलन (GMC) 2026 के समापन भाषण में एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह मंच अब केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्रवाई-केंद्रित ढांचे में बदल चुका है। इस द्विवार्षिक सम्मेलन का विषय था – “हिंद महासागर क्षेत्र में सामान्य समुद्री सुरक्षा चुनौतियां और गतिशील खतरों को कम करने के लिए कदम”।
इस साल के सम्मेलन में 14 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें कोमोरोस, केन्या, मालदीव, सेशेल्स, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, मलेशिया, मॉरीशस, म्यांमार, सिंगापुर, श्रीलंका, तंजानिया और थाईलैंड शामिल हैं।
एडमिरल त्रिपाठी ने अवैध, बिना रिपोर्ट किए और अनियमित मछली पकड़ने (IUU) को प्रमुख समुद्री खतरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि IOR सूचना संलयन केंद्र (IFC) की रिपोर्ट में पिछले दो वर्षों में IUU मछली पकड़ने की घटनाओं में कमी आई है, जिसका श्रेय बढ़ी हुई समुद्री गश्त और मजबूत प्रवर्तन को दिया गया है।
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि उच्च मूल्य वाली मछलियों का लगातार शिकार और अवैध मछली पकड़ने की घटनाएं कानूनी ढांचे, निगरानी तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह सम्मेलन हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित कई प्रमुख समुद्री कार्यक्रमों – अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (IFR), द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास ‘मिलन’ और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) – के तुरंत बाद आयोजित हुआ।
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