सौरव दास-उमर खालिद की तस्वीर पर राजीव चंद्रशेखर का हमला, CJP आंदोलन पर उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- राजीव चंद्रशेखर ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास की उमर खालिद के साथ पुरानी तस्वीर साझा कर छात्र आंदोलन पर सवाल उठाए।
- उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से आंदोलन के नेतृत्व और विचारधारा को समझने की अपील की।
- राजीव चंद्रशेखर ने देश विरोधी सोच रखने वाली ताकतों से सतर्क रहने की बात कही।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास की उमर खालिद के साथ पुरानी तस्वीर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस तस्वीर को साझा करते हुए छात्र आंदोलन पर सवाल उठाए और छात्रों व अभिभावकों से ऐसे लोगों की पहचान करने की अपील की।
सौरव दास-उमर खालिद की पुरानी तस्वीर पर विवाद
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास की जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद के साथ एक पुरानी सोशल मीडिया तस्वीर दोबारा चर्चा में आ गई है। इस तस्वीर को साझा करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने सीजेपी और छात्र आंदोलन को लेकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है और उनकी विचारधारा क्या है।
'देश को बांटने वाली सोच से रहें दूर'
राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वास्तविक छात्रों और उनके अभिभावकों को यह फैसला करना होगा कि वे किन लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत को बांटने और कमजोर करने की सोच रखने वाले लोग युवाओं के भविष्य का फैसला नहीं कर सकते।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में हिंसा और उपद्रव करने वाले समूहों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली ताकतों का विरोध करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
पेपर लीक विरोधी आंदोलन का किया जिक्र
राजीव चंद्रशेखर का बयान ऐसे समय आया है, जब पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर और दिल्ली के अन्य इलाकों में छात्र प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व सीजेपी कर रही थी।
इसी दौरान सौरव दास की उमर खालिद के साथ पुरानी तस्वीर सामने आने के बाद राजीव चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि क्या छात्र अपना भविष्य ऐसे लोगों के हाथों में सौंपना चाहते हैं, जिनकी विचारधारा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
तस्वीर में क्या दिख रहा है?
राजीव चंद्रशेखर ने जिस पोस्ट को साझा किया, उसमें सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर सौरव दास की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी है।
उस पोस्ट में सौरव दास ने उमर खालिद को सबसे बहादुर बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया था। उमर खालिद 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी है।
छात्रों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
राजीव चंद्रशेखर ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि किसी भी आंदोलन का समर्थन करने से पहले उसके नेतृत्व और उससे जुड़ी विचारधारा को समझें।
उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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