जंतर-मंतर प्रदर्शन: विट्ठल हाउस से आइसा का मार्च, योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण समेत कई हिरासत में

HIGHLIGHTS
- जंतर-मंतर पर वाम दलों के छात्र संगठन का प्रदर्शन जारी है।
- विट्ठल हाउस से जंतर-मंतर के लिए मार्च निकाला जा रहा है।
- मार्च के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर वाम दलों के छात्र संगठन की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। जंतर-मंतर की तरफ मार्च निकालने के दौरान पुलिस ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को लगातार डिटेन किया जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें दो एफआईआर संसद मार्ग थाने और एक एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है। वहीं, आइसा के नेतृत्व में विट्ठल हाउस से मार्च निकाला जा रहा है। इस मार्च की अगुवाई नेहा बोरा और कपिल सिब्बल कर रहे हैं।
पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 223, 221, 132 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं में निषेधाज्ञा के उल्लंघन, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े आरोप शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आज भी दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है। पुलिस लगातार माइक के जरिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाके को खाली करने की अपील कर रही है।
जुलाई के प्रदर्शन से लिया सबक
दरअसल, बीते जुलाई में हुए सीजेपी प्रदर्शन से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने इस बार केवल जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल को ही नहीं, बल्कि वहां तक पहुंचने वाले रास्तों को भी सुरक्षा घेरे में रखा है। प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर और उसके आसपास पुलिस ने कड़ा सुरक्षा घेरा बना रखा था।
दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद रहे, जबकि लुटियंस दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर पुलिस ने पूछताछ और निगरानी बढ़ा दी। वहीं, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं।
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