मर्सिडीज हादसे में जज को अग्रिम जमानत, मृतक की बेटी ने पूछा- क्या जज होने का मिला फायदा?

HIGHLIGHTS
- कोच्चि में तेज रफ्तार मर्सिडीज की टक्कर से 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन की मौत हो गई थी।
- मृतक की बेटी भद्रकीर्ति ने जमानत के फैसले पर निराशा जताते हुए न्यायिक समानता पर सवाल उठाए।
- जज ने याचिका में दावा किया कि उनका बेटा उनकी जानकारी के बिना कार लेकर निकला था।
कोच्चि। कोच्चि के मर्सिडीज हिट-एंड-रन मामले में आरोपी नाबालिग के पिता को अग्रिम जमानत मिल गई है। आरोपी के पिता केरल के त्रिशूर जिले के इरिंजालकुडा की अदालत में जज हैं। केरल हाई कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित परिवार ने निराशा जताई है। मृतक की बेटी ने सवाल उठाया कि क्या आरोपी के पिता को सिर्फ जज होने की वजह से जमानत मिली है?
मर्सिडीज हिट-एंड-रन मामले में जमानत पर उठे सवाल
कोच्चि में हुए इस हादसे में आरोप है कि रविवार तड़के जज के 17 वर्षीय बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार से 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन के स्कूटर को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में जयाबालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई।
जिस कार से टक्कर लगी, वह जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। बताया गया है कि हादसे के समय लग्जरी कार उनका नाबालिग बेटा चला रहा था।
केरल हाई कोर्ट का आदेश आने के कुछ घंटों बाद जयाबालकृष्णन की बेटी भद्रकीर्ति ने एक टीवी चैनल से बातचीत में फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार को हाई कोर्ट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन जमानत का फैसला निराशाजनक है।
भद्रकीर्ति ने सवाल किया कि जज और उनके बेटे के खिलाफ सबूत होने के बावजूद कानून उनका साथ क्यों दे रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या किसी आम व्यक्ति को भी इसी तरह की राहत मिलती?
हाई कोर्ट के फैसले पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जज होने के कारण आरोपी के पिता को विशेष छूट मिल रही है। उनके मुताबिक, परिवार के पास सभी सबूत मौजूद हैं, फिर भी आरोपी पक्ष कानून से बच रहा है। उन्होंने कहा कि किसी आम व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाता।
पीड़ित परिवार की बेटी ने यह भी आरोप लगाया कि माता-पिता कई घंटों तक घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने आशंका जताई कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई और बेटे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया।
हाई कोर्ट में जज ने अपनी याचिका में क्या कहा?
केरल हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में जज ने दावा किया कि उनका बेटा उनकी जानकारी के बिना कार लेकर निकला था। उन्होंने दलील दी कि जिस अपराध की जानकारी उन्हें नहीं थी, उसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
जज के इस दावे पर सवाल उठाते हुए भद्रकीर्ति ने कहा कि उन्होंने यह भी कहा है कि उनके बेटे ने यूट्यूब वीडियो देखकर गाड़ी चलाना सीखा। पीड़िता की बेटी ने सवाल किया कि क्या इस दावे पर विश्वास किया जा सकता है।
हादसे से पहले कार चलाते हुए रील्स पोस्ट करता था नाबालिग
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नाबालिग का यह दावा गलत है कि वह गाड़ी चलाने में नौसिखिया था और पहली बार कार लेकर निकला था। सूत्रों के मुताबिक, हादसे से पहले वह एक सार्वजनिक इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता था, जिस पर 2,500 से अधिक फॉलोअर्स थे। इस अकाउंट पर वह अक्सर गाड़ी चलाते हुए रील्स पोस्ट करता था।
सूत्रों का कहना है कि कई वीडियो में आरोपी नाबालिग को उसी मर्सिडीज-बेंज कार को 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलाते हुए देखा गया था। रविवार को हुए हादसे के कुछ ही घंटों बाद इंस्टाग्राम अकाउंट की सभी पोस्ट हटा दी गईं और प्रोफाइल को प्राइवेट कर दिया गया।
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