पिथौरागढ़ में चट्टान गिरने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद, चौथा दल धारचूला में फंसा

HIGHLIGHTS
- पिथौरागढ़ में चट्टान गिरने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया, जिसके चलते चौथा यात्रा दल धारचूला में ही रुक गया।
- गर्बाधार के पास मार्ग बंद होने के बाद बीआरओ की टीम भारी मशीनों के साथ सड़क खोलने के प्रयास में जुटी है, लेकिन शाम तक रास्ता बहाल नहीं हो सका।
- ठाड़ीगाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने और 18 मोटर मार्ग बंद होने से दारमा-व्यास घाटी के कई गांवों समेत करीब एक लाख ग्रामीण आबादी प्रभावित हुई है।
पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद होने के कारण चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल धारचूला में ही रुका हुआ है।
वहीं तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग पर सोबला के पास स्थित ठाड़ीगाड़ पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। चीन सीमा से सटी दारमा और व्यास घाटी का संपर्क भी बाधित हो गया है। दोनों मार्गों पर यात्री और वाहन फंसे हुए हैं।
धारचूला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गर्बाधार से करीब दो किलोमीटर आगे एक विशाल चट्टान टूटकर सड़क पर आ गिरी, जिससे कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया।
इस क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इसके चलते गुंजी और आसपास के गांवों से धारचूला आने वाले वाहन भी रास्ते में फंस गए हैं और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार को कैलास मानसरोवर यात्रा के चौथे दल को धारचूला से गुंजी के लिए रवाना होना था, लेकिन मार्ग बंद होने की सूचना मिलने के बाद दल निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ सका।
दिनभर सड़क खुलने का इंतजार किया गया, लेकिन शाम तक मार्ग बहाल नहीं हो पाया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार यात्रा दल फिलहाल धारचूला में ही मौजूद है।
मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना के बाद बीआरओ 65 आरसीसी के ओसी मानिक महाजन मौके पर पहुंच गए।
बूंदी और पांगला दोनों ओर से भारी मशीनें लगाकर सड़क खोलने का कार्य किया जा रहा है।
शाम तक मार्ग नहीं खुल सका। यदि सड़क देर से बहाल होती है तो चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल अब रविवार को गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा।
पुल हुआ क्षतिग्रस्त
शनिवार शाम तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग पर स्थित ठाड़ीगाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना भी मिली। इसके बाद पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
दोनों मार्ग बंद होने से व्यास घाटी के सात और दारमा घाटी के 13 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
मकान की छत गिरी
बेरीनाग से मिली जानकारी के अनुसार, तहसील मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर उडियारी गांव में शनिवार सुबह लगभग 11 बजे भारी बारिश के कारण हीरा सिंह महरा के मकान की छत अचानक गिर गई।
घटना के समय उनकी वृद्ध मां और बच्चे घर के बाहर मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
छत गिरने से घर में रखी खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान नुकसानग्रस्त हो गया।
सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। तहसीलदार दयाल चन्द्र मिश्रा ने बताया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता दी जाएगी।
ग्राम प्रधान हेमा देवी ने बताया कि हीरा सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिले में दो सीमा मार्गों समेत कुल 18 मोटर मार्ग बंद हैं, जिससे लगभग एक लाख ग्रामीण आबादी प्रभावित हुई है।
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