टिहरी में बारिश से हादसा, लकड़ी का पुल बहा; उफनते गदेरे में फंसी महिला का SDRF ने किया रेस्क्यू

HIGHLIGHTS
- भेलगड्डी गदेरे में अचानक बढ़ा जलस्तर और मलबे का बहाव
- नवनिर्मित लकड़ी का पुल टूटने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई
- एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर चलाया रेस्क्यू अभियान
टिहरी जनपद के भिलंगना ब्लॉक के पुंडोली गांव स्थित भेलगड्डी क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। लगातार बारिश के चलते भेलगड्डी गदेरे में अचानक भारी जलप्रवाह के साथ मलबा आ गया, जिससे गांव को जोड़ने वाला नवनिर्मित लकड़ी का पुल बह गया।
पुल बहने के कारण ग्रामीणों का एकमात्र आवागमन मार्ग बंद हो गया, जिससे कई लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान गदेरे के दूसरी ओर फंसी महिला विजय लक्ष्मी, पत्नी गबर सिंह, का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम भरे हालात में रस्सी (रोप) की मदद से महिला को उफनते गदेरे को पार कराकर सुरक्षित बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम
एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर गब्बर सिंह नेगी ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 8 बजे तहसील और थाना घनसाली से सूचना मिली थी कि पुल बहने के कारण एक महिला गदेरे के दूसरी ओर फंस गई है।
सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर गदेरे में तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में पानी और मलबा बह रहा था।
रोप रेस्क्यू से महिला को निकाला गया सुरक्षित
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर पांच-छह लोग मौजूद थे। अन्य लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, जबकि विजय लक्ष्मी देवी गदेरे के पास फंस गई थीं।
टीम ने तुरंत रोप रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुल बहने के बाद गदेरे के दूसरी ओर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अस्थायी पुल बनाने का काम शुरू कर दिया है, जिससे लोगों को जल्द राहत मिल सके।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
रेस्क्यू अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत, तहसीलदार हरीश जोशी, थानाध्यक्ष अजय कुमार जाटव, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की अन्य टीमें मौके पर मौजूद रहीं और हालात पर लगातार नजर बनाए रखी।
प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से बारिश के दौरान गदेरों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
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