एमए बेबी ने अरविंद केजरीवाल से की मुलाकात, चुनाव आयोग और एसआईआर पर हुई चर्चा

HIGHLIGHTS
- एमए बेबी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात रविवार को नई दिल्ली में हुई।
- बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा हुई।
- आयोग के भीतर दर्ज की गई लिखित आपत्तियों का भी जिक्र हुआ।
नई दिल्ली। माकपा महासचिव एमए बेबी ने रविवार को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई। बैठक में इन मुद्दों पर साझा राजनीतिक रणनीति तैयार करने पर भी बात हुई।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी नेताओं की क्या राय?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर साथी चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 14 अलग-अलग मौकों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
एमए बेबी ने केजरीवाल के साथ चर्चा में कहा कि इससे चुनाव आयोग की साख और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि आंतरिक चर्चा के दौरान अलग-अलग राय सामने आना सामान्य प्रक्रिया है और उसके फैसले कानून के दायरे में हैं।
विपक्षी दलों को साथ लाने की कोशिश
एमए बेबी ने 23 सितंबर को 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं के अलावा कई गैर-एनडीए दलों को पत्र भेजकर इस मुद्दे पर तत्काल साझा रुख तय करने की अपील की थी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से फोन पर भी बातचीत की। बताया गया कि ममता बनर्जी ने इस स्थिति में एकजुट होकर कदम उठाने पर सहमति जताई।
इसके अलावा एमए बेबी ने बीआरएस, बीजद, डीएमके और तमिलगा वेत्री कषगम सहित अन्य राजनीतिक दलों से भी संपर्क किया है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के रुख के खिलाफ एक व्यापक विपक्षी मोर्चा तैयार करना बताया गया है।
केरल को लेकर क्या हुई चर्चा?
बैठक के दौरान एमए बेबी ने अरविंद केजरीवाल को केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ओर से आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
सीपीआई(एम) का आरोप है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है। वामपंथी दलों का कहना है कि पिनराई विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई भी इसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। इसे लेकर वाम दल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की आगे की रणनीति
30 सितंबर को नई दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की एक अहम बैठक प्रस्तावित है। इसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक और आगे की रणनीति को लेकर फैसला किए जाने की बात कही गई है।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में पेश किए जाने वाले एक नए कानूनी नोटिस को भी तैयार किया जा रहा है। इसे अंतिम रूप देने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई जा रही है।
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